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'इराक़ी चुनाव पर लादेन का टेप' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अरबी टेलिविज़न चैनल अल जज़ीरा ने अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का कथित ऑडियो टेप जारी किया है जिसमें इराक़ी चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की गई है. ऑडियो टेप में मौजूद आवाज़ वाकई लादेन की है या नहीं- अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. ऑडियो टेप में कहा गया है, "जो भी व्यक्ति इराक़ी चुनाव में हिस्सा लेगा वह 'क़ाफ़िर' है. टेप में जॉर्डन में जन्मे और इराक़ में सक्रिय चरमपंथी नेता अबू मुसाब ज़रक़ावी को इराक़ में अल क़ायदा का नेता बताया गया है. इराक़ के चुनाव आयोग ने इस ऑडियो टेप के प्रसारण के लिए टीवी चैनल अल जज़ीरा की आलोचना की है. आयोग ने समय पर चुनाव कराने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है. प्रतिबद्धता मुख्य निर्वाचन अधिकारी आदिल अल लामी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "हम जानते हैं कि बिन लादेन एक आतंकवादी हैं. हम अपना काम कर रहे हैं और हम समय पर चुनाव करवाएँगे." उन्होंने अल जज़ीरा पर आरोप लगाया कि वह लादेन की बातों को प्रसारित कर उनकी सहायता ही कर रहा है. लेकिन अल जज़ीरा का कहना है कि वे निष्पक्ष होकर अपना काम कर रहे हैं. लादेन के कथित ऑडियो टेप में ज़रक़ावी की जम कर तारीफ़ की गई है और अमरीकी और इराक़ी सैनिकों के ख़िलाफ़ अभियान की भी प्रशंसा की गई है. टेप में कहा गया है, "ग्रुप में शामिल सभी भाई ज़रक़ावी की बात मानें और उनके आदेशों का पालन करें." इराक़ में हुए कई बड़े कार बम धमाकों और हमलों के पीछे ज़रक़ावी के गुट का ही हाथ माना जाता है. वाशिंगटन में अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एडम इरेली ने बताया कि अभी यह नहीं पता चल पाया है कि टेप में आवाज़ लादेन की ही थी या किसी और की. |
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