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कॉलिन पॉवेल की फ़लस्तीनियों को सलाह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि फ़लस्तीनी पक्ष को आतंकवाद के ख़िलाफ़ खुलकर बोलना चाहिए. पिछले डेढ़ वर्षों में अपनी पहली मध्य पूर्व यात्रा कर रहे कॉलिन पॉवेल ने सोमवार को यरूशलम में इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से मुलाक़ात की. वे फ़लस्तीनी नेताओं से भी मुलाक़ात करनेवाले हैं. अरियल शेरॉन से मुलाक़ात के बाद पॉवेल ने कहा कि इस बात की सख़्त ज़रूरत है कि फ़लस्तीनी समुदाय के सभी गुटों को एकजुट कर उन्हें स्पष्ट रूप से ये बता दिया जाए कि अब समय आ गया है कि हिंसा रोकी जाए. इसराइल के विदेश मंत्री सिल्वन शेलोम ने कहा है कि उनका देश इस बात के हरसंभव प्रयास करेगा कि नौ जनवरी को प्रस्तावित फ़लस्तीनी चुनाव योजना के अनुसार ही हो सकें. बीबीसी के यरूशलम संवाददाता का कहना है कि कॉलिन पॉवेल की यात्रा फ़लस्तीनी नेतृत्व के साथ अमरीका के संबंध को बहाल करने की एक कोशिश है. उल्लेखनीय है कि अमरीका ने फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात का एक तरह से बहिष्कार कर दिया था. फ़लस्तीनी अधिकारियों को उम्मीद है कि पॉवेल की इस यात्रा से अमरीका और फ़लस्तीनी पक्ष के बीच सीधी वार्ता एक बार फिर शुरू हो सकेगी. इस सप्ताह मध्य पूर्व के मामले पर बातचीत जारी रहेगी क्योंकि ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ भी वहाँ पहुँचने वाले हैं. |
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