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मिस्र के तीन सीमा रक्षक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सैनिकों ने ग़लतफ़हमी में मिस्र के तीन सीमा रक्षकों को मार दिया है. मिस्र ने इस पर इसराइल से कड़ा विरोध दर्ज कराया है. मिस्र के सीमा सुरक्षा बल अधिकारियों को फ़लस्तीनी चरमपंथी मान कर निशाना बनाया गया जब वे ग़ज़ा पट्टी में प्रवेश कर रहे थे. इसराइली रेडियो के अनुसार तीनों टैंक से की गई गोलाबारी का शिकार बने. उल्लेखनीय है कि दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी में इसराइली सैनिकों और फ़लस्तीनी चरमपंथियों की भिड़ंत होती रहती है. इसराइल के रक्षा मंत्री ज़ीव बोइम ने ने गुरुवार की इस घटना पर अफ़सोस जताया है. ग़ज़ा से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार इसराइली सैनिकों की ग़ज़ा-मिस्र सीमा पर विशेष चौकसी रहती है क्योंकि उन्हें लगता है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी इस सीमा से होकर हथियारों की तस्करी करते हैं. इसराइल पर इस इलाक़े मे अंधाधुंध गोलीबारी करने का आरोप लगता रहा है. ताज़ा घटना पर इसराइली सेना ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अधिकारियों के अनुसार घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. इसराइल और मिस्र के बीच 1979 के बाद से कोई संघर्ष नहीं हुआ है. |
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