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रविवार, 21 नवंबर, 2004 को 20:32 GMT तक के समाचार
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इराक़ में चुनाव से पहले कर्ज़ माफ़ी
इराक़ के तबाह घर
इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए कटौती को ज़रूरी बताया गया
इराक़ को कर्ज़ देने वाले देशों ने अमरीका और जर्मनी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है जिसके तहत इराक़ के कर्ज़ में 80 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी.

इराक़ में चुनाव की तारीख़ की घोषणा के बाद हुए इस ऐलान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इराक़ी प्रशासन का कहना था कि 120 अरब डॉलर के कर्ज़ के कारण देश के पुनर्निर्माण का काम प्रभावित हो रहा है.

इराक़ के 19 लेनदारों की बैठक बर्लिन में हुई जहाँ दुनिया के बीस देशों के संगठन जी-20 की बैठक चल रही है.

इस बैठक में तय किया गया कि इराक़ का कर्ज़ तीन चरणों में माफ़ किया जाएगा, तीस प्रतिशत छूट तत्काल दी जाएगी, 2005 में और तीस प्रतिशत की राहत मिलेगी और 2008 में आख़िरी 20 प्रतिशत माफ़ किए जाएँगे.

लेकिन इसकी एक शर्त है, वह यह कि इराक़ को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा और उसके मानदंडों पर खरा उतरना होगा.

इराक़ को हर वर्ष लगभग चालीस अरब डॉलर कर्ज़ की किस्त के रूप में चुकाने पड़ते हैं, इराक़ जिन देशों का कर्ज़दार है उनमें अमरीका, रूस जापान और कुछ यूरोपीय देश प्रमुख हैं.

इस मामले पर रविवार को सुबह सहमति हो गई थी लेकिन रूस की कुछ आपत्तियों के निराकरण के बाद रविवार शाम को इसकी घोषणा की गई.

इस कर्ज़ माफ़ी के बाद इराक़ पर लगभग 80 अरब डॉलर का कर्ज़ रह जाएगा, यह कर्ज़ उसे सऊदी अरब और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों से मिला है.

विवाद

इस मामले पर शुरू में थोड़ा विवाद भी हुआ, अमरीका और ब्रिटेन चाहते थे कि इराक़ के सारे कर्ज़ माफ़ कर दिए जाएँ लेकिन लेनदार देश इसके लिए तैयार नहीं थे.

शिराक और बुश
फ्रांस अमरीका और ब्रिटेन से असहमत था

अमरीका और ब्रिटेन का कहना था कि इराक़ इस कर्ज़ के साथ पटरी पर वापस नहीं आ सकता उसके लिए कर्ज़ से माफ़ी बहुत ज़रूरी है जबकि जर्मनी, रूस और फ्रांस जैसे देशों का कहना था कि इराक़ के सिर्फ़ आधे कर्ज़ को माफ़ करना चाहिए.

फ्रांस का तर्क था कि इराक़ के पास तेल की संपदा है इसलिए उसके साथ वैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जैसा कि दुनिया के सबसे ग़रीब देशों के साथ किया जाता है.

रूस भी पचास प्रतिशत से अधिक कर्ज़ की माफ़ी के लिए तैयार नहीं था लेकिन लंबी चल बहस के बाद आख़िरकार सहमति बन ही गई.

सोमवार से मिस्र में इराक़ के पुनर्निर्माण पर एक सम्मेलन शुरू हो रहा है, इस फ़ैसले के बाद ज़ाहिर है कि बैठक का माहौल सकारात्मक रहने की उम्मीद की जा रही है.

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