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'कार्रवाई से विद्रोहियों की कमर टूटी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ स्थित एक वरिष्ठ अमरीकी सैनिक कमांडर ने कहा है कि फ़लूजा में अमरीकी कार्रवाई के कारण पूरे इराक़ में विद्रोहियों की कमर टूट गई है. अमरीकी मरीन कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल जॉन सैटलर ने बताया कि अमरीकी सैनिक अभियान के कारण विद्रोहियों को अपने सुरक्षित ठिकाने से भागना पड़ा है और अब वे तितर-बितर हो गए हैं. लेकिन उन्होंने माना कि अभी भी बचे हुए विद्रोही अमरीकी सैनिकों के लिए समस्या हैं. अमरीकी कमांडर सैटलर ने बताया कि उन्हें फ़लूजा में सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए आम नागरिकों के बारे में सूचना नहीं है. जनरल सैटलर ने बताया कि फ़लूजा में सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद 51 अमरीकी सैनिक और आठ इराक़ी सैनिक मारे गए हैं. इस बीच इराक़ी अंतरिम सरकार फ़लूजा में आम नागरिकों के लिए खाद्य सामग्री भेजने की योजना बना रही है. सरकार वहाँ मेडिकल टीम भेजने पर भी विचार कर रही है. मुश्किल फ़लूजा शहर से बाहर पत्रकारों से बात करते हुए अमरीकी मरीन कमांडर सैटलर ने कहा कि फ़लूजा की कार्रवाई के बाद विद्रोहियों के लिए दोबारा संगठित होना काफ़ी मुश्किल होगा.
हालाँकि मरीने के ही ख़ुफ़िया अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीकी सैनिक बड़ी संख्या में फ़लूजा में मौजूद नहीं रहे तो विद्रोही फिर से संगठित हो सकते हैं. अमरीकी सैनिकों का फ़लूजा के ज़्यादातर हिस्सों पर नियंत्रण स्थापित हो गया है लेकिन अमरीकी और इराक़ी अधिकारी वहाँ मानवीय संकट की रेड क्रॉस की चेतावनी को कम करके आंक रहे हैं. हालाँखि गुरुवार को इराक़ी अंतरिम सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि फ़लूजा में स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से चालू कर दिया जाएगा और पुनर्निर्माण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. फ़लूजा में सैनिक कार्रवाई शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में आम नागरिक शहर छोड़कर चले गए थे फिर भी हज़ारों की संख्या में लोग शहर से नहीं भाग पाए. रेड क्रॉस का कहना है कि शहर में पानी और बिजली की कमी है और घायल लोगों का इलाज भी नहीं हो पा रहा है. संस्था ने शहर की स्थिति की निष्पक्ष समीक्षा की भी मांग की है. |
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