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'सरकार फ़लूजा में राहत सामग्री भेजेगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह फ़लूजा में खाद्य सामग्री और चिकित्सा टीमें भेजेगी. राहत संस्था रेडक्रॉस ने चेतावनी दी थी कि उसे फ़लूजा के आम नागरिकों की हालत के बार में गंभीर चिंता है. रेडक्रॉस ने ये भी माँग की थी कि फ़लूजा में स्थिति की स्वतंत्र रूप से जाँच होनी चाहिए क्योंकि वहाँ न बिजली है और न पानी. एक सरकारी प्रवक्ता का कहना था कि फ़लूजा में चिकित्सा व्यवस्था दोबारा कायम की जाएगी और पुनर्निमाण की ज़रूरत का जायज़ा लिया जाएगा. ये भी कहा गया कि जो निवासी भाग गए थे उन्हें वापस आने में मदद दी जाएगी और हर परिवार को सौ डॉलर का मुआवज़ा दिया जाएगा. इससे पहले अमरीकी और इराक़ी अधिकारियों ने फ़लूजा में मानवीय त्रासदी की चेतावनी को ज़्यादा महत्व नहीं दिया था. कई शहरों में हिंसा उधर इराक़ में कई जगह हिंसक घटनाएँ हुई हैं और समाचार मिले हैं कि इनमें कई इराक़ी मारे गए हैं. बग़दाद, बाइजी, मूसल, किरकुक और रमादी से हिंसा की ख़बरें आई हैं. राजधानी बग़दाद के पश्चिमी भाग में कार बम धमाका हुआ जिसमें दो इराक़ी मारे गए और पाँच अन्य घायल हो गए. तेल कारखाने के नगर बाइजी में सड़क पर हुए एक बम धमाके में चार आम नागरिकों की मृत्यु हो गई. अमरीकी सेना के अनुसार मूसल शहर में स्थिति तनावपूर्ण है. वहाँ प्राँतीय गवर्नर के दफ़्तर पर तोप के गोलों से हमला हुआ जिसमें उनके एक अंगरक्षक की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए. उत्तरी इराक़ में किरकुक नगर में एक धमाके में दो आम नागरिकों की मौत हो गई. रमादी नगर में भी अमरीकी सेना और विद्रोहियों के बीच झड़पें हुईं. |
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