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'एक न्यायसंगत विश्व व्यवस्था कायम करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस के राष्ट्रपति ज्याक शिराक़ ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार करने, उसे शक्तिशाली बनाने और एक बेहतर, न्यायसंगत विश्व व्यवस्था कायम करने का आहवान किया है. अपनी लंदन यात्रा के दौरान उनका कहना था कि केवल बल के ज़ोर पर कायम की गई विश्व व्यवस्था उनका कहना था, "अनुभव हमें सिखाता है कि इस तरह से कायम की गई विश्व व्यवस्था मूल रूप से अस्थिर होती है और कभी न कभी संकट या फिर लड़ाई को जन्म देती है." उनका कहना था कि पश्चिमी सभ्यता अपने मूल्य पूरी दुनिया पर थोप नहीं सकती और इसीलिए लोकतंत्र कायम करने और पश्चिमी सभ्यता को बढ़ावा देने को लेकर दुविधा में नहीं पड़ना चाहिए. इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रैंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का फ़ैसला करेगा कि इराक़ युद्ध के बारे में वे सही था या फिर टोनी ब्लेयर. वे पहले ही ये कह चुके हैं कि उन्हें अमरीका के उस दावे पर शक है कि सद्दाम हुसैन को इराक़ में सत्ता से हटाने के बाद दुनिया ज़्यादा सुरक्षित जगह बन गई है. उधर प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि इराक़ युद्ध के बारे में मतभेदों के बावजूद ब्रिटेन और फ़्रांस बोस्निया और अफ़ग़ानिस्तान में साथ-साथ काम कर रहे हैं. राष्ट्रपति शिराक़ फ़्रांस और ब्रिटेन की साझेदारी की संधी के सौ साल पूरे होने के मौके पर दो दिन की लंदन यात्रा पर हैं. |
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