|
परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर सम्मेलन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है जिसमें इस बात पर विचार किया जाएगा कि परमाणु हथियारों के प्रसार को कैसे रोका जाए. इस सम्मेलन में एशिया प्रशांत क्षेत्र के सभी मंत्री और कूटनयिक इस विषय पर चर्चा करेंगे कि ऐसे कौन से इंतज़ाम किए जाएँ कि चरमपंथियों को परमाणु हथियार न मिल सकें. दो दिनों के इस सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई संबोधित करेंगे. ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री एलेक्ज़ेंडर डाउनर ने कहा है कि 11 सितंबर के हमले के बाद से कोई भी अपनी सुरक्षा को लेकर निश्चिंत नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों के प्रसार का ख़तरा बढ़ा रहा है और इसे सभी को गंभीरता से लेना होगा. उनका कहना था कि बाली में विस्फोट के लिए जिस संस्था जेमा इस्लामिया पर प्रतिबंध लगाया गया है वह परमाणु हथियारों का उपयोग करने में नहीं हिचकेगी. हालांकि ये माना जा रहा है कि जेमा इस्लामिया परमाणु हथियार नहीं बना सकता लेकिन वह रेडियोएक्टिव पदार्थों का दूसरी तरह से इस्तेमाल कर सकता है. न्यूज़ीलैंड सरकार ने कहा है कि इस बात के इंतज़ाम करना ज़रुरी है कि परमाणु हथियार ग़लत हाथों में न पड़ जाए. ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि इस सम्मेलन से एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच इस मसले पर ज़्यादा सामंजस्य स्थापित हो सकेगा. इस सम्मेलन में उत्तर कोरिया और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को रोकने के विश्व स्तर पर प्रयास करने की दिशा में भी बात होने की उम्मीद है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||