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इराक़ पर परमाणु ऊर्जा एजेंसी की चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इराक़ पर पिछले साल हमले के बाद से ऐसी तकनीक, उपकरण और सामग्री हटा दी गई है जिसका इस्तेमाल करके परमाणु हथियार बनाए जा सकते थे. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक मोहम्मद अल बारादेई ने संयुक्त राष्ट्र को अपनी नियमित छमाही रिपोर्ट में कहा है कि उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में नज़र आता है कि संबंधित इमारतें गिरा दी गई हैं और उनका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया है. बारादेई ने कहा है कि इराक़ में अमरीकी समर्थन वाली सरकार ने बाध्यता होने के बावजूद परमाणु संयंत्रों की स्थिति के बारे में संयुक्त राष्ट्र को सूचित नहीं किया लेकिन उन्होंने अवाँछित परमाणु सामग्री को बेचने में मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र से मदद माँगी थी. परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों ने निष्कर्ष दिया था कि सद्दाम हुसैन ने युद्ध से पहले परमाणु कार्यक्रम बंद कर दिया था. एजेंसी का कहना है कि निरीक्षकों को इराक़ में अमरीकी सेनाओं ने स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने नहीं दिया था. यह एजेंसी फिलहाल इराक़ में सक्रिय नहीं है और उपग्रह से मिलने वाली तस्वीरों और कुछ अन्य संगठनों की सूचना पर ही निर्भर है. व्यवस्थित ढंग से एजेंसी ने कहा है कि इराक़ का परमाणु हथियार कार्यक्रम जिन इमारतों में चलता था, ऐसा लगता है कि उन्हें किसी व्यवस्थित कार्यक्रम के तहत ध्वस्त कर दिया गया है और वहाँ से उपकरणों और सामग्री को हटा दिया गया है. बारादेई ने चेतावनी दी है, "ऐसे उपकरणों और सामग्री का ग़ायब होना परमाणु प्रसार के महत्व का हो सकता है." एजेंसी ने कहा है कि इस तरह का कोई भी उपकरण नहीं मिला है और सरकारों से अनुरोध किया गया है कि इस बारे में कोई भी सूचना मिले तो एजेंसी को दी जाए. इराक़ सरकार ने फिलहाल उन इमारतों में किसी फेरबदल की कोई रिपोर्ट नहीं दी है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इसी साल अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र को सौंपी अपनी रिपोर्ट में भी कहा था कि पूरी इमारत और उपकरण हटा दिए गए हैं और एजेंसी इस बारे में कुछ निश्चित नहीं थी कि उन्हें लूटा गया है या फिर कहीं और ले जाने के लिए हटाया गया है. इस साल के आरंभ में अमरीका ने इराक़ में क़रीब दो टन कम संवर्धित यूरेनियम को हटाया था. परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रिपोर्ट दी थी कि बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में तुवैथा की उस इमारत में क़रीब 550 टन परमाणु सामग्री रखी थी जहाँ परमाणु कार्यक्रम का मुख्य केंद्र था. ग़ौरतलब है कि अमरीका के इराक़ सर्वे ग्रुप के प्रमुख हथियार निरीक्षक चार्ल्स डेल्फ़र ने नतीजा निकालकर दिया था कि सद्दाम हुसैन ने 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद महाविनाश के हथियार बनाने की कोशिश बंद कर दी थी. |
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