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अमरीकी प्रयोगशाला से आँकड़े ग़ायब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के सबसे बड़ी परमाणु हथियार शोध प्रयोगशालाओं में से एक लॉस एलामॉस नेशनल लेबोरेटरी में उस समय अति गोपनीय शोधकार्य रोकना पड़ा जब वहाँ से संवेदनशील आँकड़ों के ग़ायब होने की जानकारी मिली. न्यू मैक्सिको स्थित लॉस एलामॉस नेशनल लेबोरेटरी में ही दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पहला परमाणु बम बनाया गया था. अधिकारी अभी ये नहीं बता रहे हैं कि किस तरह के आँकड़े ग़ायब हुए हैं लेकिन कामकाज़ रुक जाने से ही उनके अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील होने का अंदाज़ा हो जाता है. कहा जा रहा है कि इस प्रयोगशाला में ऐसा पहली बार हुआ है जब काम रोकना पड़ा हो. पिछले सप्ताह वेपॉन्स फ़िजिक्स डॉयरेक्टोरेट से आँकड़े इकट्ठा करने वाले दो उपकरण ग़ायब हो गए थे. अब यहाँ अधिकारी प्रयोगशाला के सभी अति संवेदनशील आँकड़ों वाली सीडी और फ़्लॉपी डिस्कों की गिनती कर रहे हैं.
इस काम में कई दिन लग सकते हैं. विभाग के कर्मचारियों को प्रयोगशाला के अंदर कड़ी सुरक्षा के बीच ही आने दिया जा रहा है. देश की राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा एजेंसी और फ़ेडेरल एजेंसी ने मामले की जाँच के लिए अपनी टीम लॉस एलामॉस भेजी है. वैसे लॉस एलामॉस में गोपनीय जानकारियों के ग़ायब होने की यह पहली घटना नहीं है. दो महीने पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी जिसके बाद संस्थान के प्रबंधकों पर गाज गिरी थी. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान कुछ वैज्ञानिकों और सैनिकों की एक छोटी सी टीम ने परमाणु बम बनाने के लिए इस प्रयोगशाला की स्थापना की थी. क़रीब 70 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली इस प्रयोगशाला में इस समय 12 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं. |
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