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समारा में कई धमाके, 43 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के उत्तरी शहर समारा में कार बम धमाकों और अन्य हमलों में कम से कम 43 लोग मारे गए हैं और कई घायल हो गए हैं. दो धमाके तो समारा में मेयर के कार्यालय के बाहर हुए. घटनास्थल पर पहुँचने की कोशिश कर रहे एक अमरीकी सैनिक वाहन को भी निशाना बनाया गया. यह भी ख़बर है कि चरमपंथियों ने तीन पुलिस स्टेशनों पर भी हमला किया. जिनमें कई पुलिसवाले मारे गए और बड़ी संख्या में घायल हो गए. इराक़ी सरकार दावा करती रही है कि समारा इस बात का उदाहरण है कि कैसे उसने विद्रोहियों के क़ब्ज़े से छुड़ा कर वहाँ क़ानून-व्यवस्था की स्थिति क़ायम कर दी है. अक्तूबर की शुरुआत में अमरीकी और इराक़ी सैनिकों ने इस शहर को विद्रोहियों के क़ब्ज़े से छुड़ाकर अपना नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया था. इस बीच इराक़ के सुन्नी बहुल रमादी शहर में एक हमले में 20 अमरीकी सैनिक घायल हो गए. ज़रूरी बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता क्लेयर मार्शल का कहना है कि फ़लूजा में बड़ी सैनिक कार्रवाई की तैयारी से पहले समारा की घटनाएँ यह साबित करतीं हैं कि वहाँ पूरा नियंत्रण स्थापित करने से पहले बड़ी सैनिक कार्रवाई ज़रूरी है. समारा में हुए धमाकों में 48 लोगों के घायल होने की ख़बर है. माना जा रहा है कि हमले योजनाबद्ध तरीक़े से किए गए. शनिवार की सुबह एक के बाद एक वहाँ तीन कार बम धमाके हुए. तीन घंटे बाद शहर के दक्षिण में स्थित एक पुलिस स्टेशन के पास एक कार बम विस्फोट हुआ. इस धमाके में 10 लोग मारे गए. शहर के एक दूकानदार मोहम्मद अहमद ने बताया, "मैंने एक कार को टाउन हॉल में घुसने की कोशिश करते देखा. जब पुलिस ने इसे रोका तो उसमें धमाका हो गया." हमले में स्थानीय पुलिस प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल रज़ाक मोहम्मद अल जरमानी के मारे जाने की ख़बर है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार मरने वालों में 24 पुलिसकर्मी और तीन नेशनल गार्ड के जवान भी शामिल हैं. बग़दाद से 95 किलोमीटर दूर स्थित समारा शहर की आबादी क़रीब दो लाख है. यहाँ अमरीकी गठबंधन सेना का हमेशा से विरोध होता रहा है. |
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