| इराक़ में तीन ब्रितानी सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की राजधानी बग़दाद से दक्षिण चरमपंथियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में ब्रिटेन के तीन सैनिक मारे गए हैं. हमले में कई सैनिक घायल भी हुए हैं. बीबीसी संवाददाता बेन ब्राउन ने बताया है कि हमले में एक इराक़ी अनुवादक के भी मारे जाने की आशंका है. ब्रिटेन के मारे गए तीनों सैनिक ब्लैक वॉच रेजिमेंट के थे जिसके क़रीब 800 सैनिकों को हाल ही में अमरीका के अनुरोध पर बसरा से बग़दाद के निकट तैनात किया गया था. ब्रितानी सरकार ने भी इस रेजिमेंट के तीन सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है. सैनिक मामलों के मंत्री एडम इंग्रैम ने हाउस ऑफ़ कॉमंस को बताया, "हादसे की जगह चिकित्सा सुविधा पहुँचाने में अमरीकी सैनिकों ने सहायता की." प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री की पूरी सहानुभूति ब्लैक वॉच के सैनिकों और उनके परिवारजनों के साथ है." एक साल से भी ज़्यादा समय पहले बसरा में तीन ब्रितानी सैनिक मारे गए थे. इस घटना को उसके बाद की सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है. बीबीसी संवाददाता बेन ब्राउन का कहना है कि इस घटना के बाद ब्रितानी रेजिमेंट ब्लैक वॉच के सैनिक सदमे में हैं. जब से ब्रिटिश ब्लैक वॉच रेजिमेंट के सैनिक बग़दाद के दक्षिण पहुँचे हैं, उन पर कई हमले हुए हैं. मंगलवार शाम को भी कैंप डॉगवुड कॉम्प्लेक्स पर मोर्टार से हमला किया गया था. उसी दिन रक्षा मंत्री जेफ़ हून ने उम्मीद जताई थी कि ब्लैक वॉच रेजिमेंट के सैनिक 30 दिनों के अंदर वापस अपने ठिकाने पर लौट जाएँगे. |
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