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ब्रितानी सैनिकों की तैनाती पर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी सैनिक बग़दाद के आसपास के इलाक़ों का मुआयना कर रहे हैं जहाँ उनकी तैनाती होने वाली है. अमरीकी सेना ने इन इलाक़ों में विद्रोहियों से निबटने और कानून-व्यवस्था क़ायम करने की कोशिश में ब्रिटेन की मदद माँगी थी. अब तक इराक़ के दक्षिणी हिस्से में बसरा के आसपास तैनात रहे ब्रितानी सैनिकों को बग़दाद के नज़दीक भेजने के प्रस्ताव का ब्रिटेन की सत्तधारी लेबर पार्टी के अनेक सांसदों ने कड़ा विरोध किया है. सोमवार को ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ज्यौफ़ हून ने कहा था कि "ब्रिटेन अगर अमरीका के इस अनुरोध को ठुकराता है तो यह गठबंधन की मर्यादा के अनुकूल नहीं होगा." आशंकाएँ ब्रिटेन की दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस मामले पर संसद के निचल सदन में मतदान कराने की माँग की है. ब्रितानी सरकार का कहना है कि सैनिकों की तैनाती के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया गया है, लेकिन रक्षा मंत्री के बयान के बाद संसद के सदस्यों को लगने लगा है कि ब्रितानी सरकार अमरीकी अनुरोध को स्वीकार करने वाली है. इस मामले पर संसद में काफ़ी हंगामा होने के आसार दिख रहे हैं, बीबीसी संवाददाता कैरोल वाकर का कहना है कि इराक़ में युद्ध का समर्थन करने वाले सांसदों में से भी ऐसे अनेक लोग हैं जो इस तैनाती के ख़िलाफ़ हैं. इस बात को लेकर गंभीर चिंता है कि ब्रितानी सैनिकों के लिए ख़तरा बहुत बढ़ जाएगा, वे अब तक जिन इलाक़ों में तैनात रहे हैं वहाँ अपेक्षाकृत शांति रही है जबकि बग़दाद के आसपास का इलाक़ा लगातार हिंसा की चपेट में है. ब्रितानी सांसदों को यह भी लग रहा है कि अमरीकी अनुरोध का असली मक़सद राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले बुश की स्थिति को मज़बूत करना है. ब्रिटेन की कंज़रवेटिव और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टियाँ इस क़दम का जमकर विरोध कर रही हैं और अगर इस मामले पर संसद में मतदान की नौबत आई तो सरकार के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी. |
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