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अमरीकी विमानों का फ़लूजा पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना ने कहा है कि बग़दाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाक़े में धमाकों के बाद वहाँ सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है. गुरुवार को इराक़ी राजधानी के ग्रीन ज़ोन नाम से जाने वाले इलाक़े में दो धमाकों में 10 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में चार अमरीकी शामिल थे. अमरीकी सेना के एक बयान में कहा गया है कि सशस्त्र गश्ती दलों की संख्या बढ़ाई जा रही है. पहली बार इस इलाक़े में इस तरह हमला हुआ है. अल-क़ायदा से जुड़े इस्लामी चरमपंथी अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी के समर्थकों ने हमले की ज़िम्मेवारी ली है. एक इस्लामी वेबसाइट पर प्रकाशित अपने बयान में इन चरमपंथियों ने इसे अब तक का सबसे सफल अभियान क़रार दिया है. उल्लेखनीय है कि पूरी तरह क़िलेबंद ग्रीन ज़ोन के प्रवेश द्वार पर तो चरमपंथी कई बार आत्मघाती हमले कर चुके हैं, लेकिन उसके भीतर पहली बार हमले हुए हैं. ग्रीन ज़ोन बग़दाद के कोई 25 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले जिस इलाक़े से अमरीकी सेना और इराक़ी अंतरिम सरकार काम करती है, उसे ग्रीन ज़ोन के नाम से जाना जाता है.
इराक़ के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इस इलाक़े में ही अमरीका और ब्रिटेन के दूतावास भी हैं. गुरुवार को पहला हमला ग्रीन ज़ोन के एक कैफ़े में हुआ जो कि सैनिकों और आम कर्मचारियों के बीच बहुत लोकप्रिय है. इसके थोड़ी ही देर बाद पास के एक बाज़ार में बम फटा. अमरीकी विदेश विभाग के अनुसार इन धमाकों में चार अमरीकी और छह इराक़ी नागरिक मारे गए, जबकि 20 अन्य व्यक्ति घायल हो गए. ग्रीन ज़ोन के अलावा भी बग़दाद में सोमवार को कई हमले हुए जिनमें दो अमरीकी सैनिकों समेत चार लोगों की मौत हो गई. फ़लूजा पर हमला इस बीच अमरीकी सैनिकों ने फ़लूज़ा शहर पर नए सिरे से हमले शुरू किए हैं. ये हमले मुख्य रूप से उन ठिकानों पर हो रहे हैं जहाँ अमरीकी सेना के अनुसार अल ज़रक़ावी के होने की संभावना है. इराक़ी सरकार ने फ़लूजा के लोगों से कहा था कि वो ज़रक़ावी को सौंप दें या फिर शहर पर हमले के लिए तैयार रहें. लेकिन अमरीकी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि ये हमले फ़लूजा पर क़ब्ज़ा करने के लिए नहीं है. उनका कहना है कि ये हमले कुछ ख़ुफ़िया जानकारियों पर आधारित हैं, और इनका उद्देश्य इस गुट को तहस-नहस करना है जिससे वो रमज़ान के महीने से पहले चरमपंथी हमलों में किसी तरह की तेज़ी नहीं ला पाएं. अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार ताज़ा हवाई हमले में गुरुवार को पाँच लोग मारे गए हैं और 12 अन्य घायल हो गए हैं. |
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