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बग़दाद के ग्रीन ज़ोन इलाक़े में धमाका, 10 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की राजधानी बग़दाद में ग्रीन ज़ोन जैसे अतिसुरक्षित इलाक़े में दो बम धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों के अनुसार मारे गए लोगों में चार अमरीकी और छह इराक़ी हैं. उनका कहना है कि इन धमाकों में 18 लोग घायल भी हुए हैं. समझा जा रहा है कि ये धमाके आत्मघाती हमलावरों ने किए. राजधानी बग़दाद के ग्रीन ज़ोन में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के अलावा अमरीकी और इराक़ी सैनिकों का दफ़्तर भी हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि राजधानी बग़दाद के इतने सुरक्षित इलाक़े पर हमला हुआ है. चरमपंथी अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के गुट तौहीद और जिहाद ने अपनी वेबसाइट पर इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है. ग्रीन ज़ोन वह इलाक़ा है जहाँ इराक़ की अंतरिम सरकार के दफ़्तर हैं और अमरीका तथा ब्रिटेन के दूतावास भी यहीं स्थित हैं. बग़दाद में मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि देश में सबसे सुरक्षित क्षेत्र माने जानेवाले ग्रीन ज़ोन पर हुए हमलों से इराक़ की सुरक्षा को लेकर नई चिंता प्रकट की जाने लगी है. चिंता बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बग़दाद के एक विशेष क्षेत्र को ग्रीन ज़ोन का नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वह क्षेत्र सुरक्षित माना जाता है. वहीं देश के बाक़ी हिस्सों को रेड ज़ोन कहा जाता है क्योंकि वहाँ यात्रा करना ख़तरनाक है. ग्रीन ज़ोन पर पिछले कुछ अर्से में कई बार हमले हुए हैं मगर इसके पहले प्रायः परिसर के बाहर से मोर्टार से हमले किए गए थे. बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि इसके पहले हमले अवश्य हुए मगर ऐसा कम ही हुआ कि वहाँ कोई हताहत हुआ हो. इस महीने के आरंभ में भी ग्रीन ज़ोन के बाहर एक जाने-माने रेस्त्रां के पास बम मिला था जिसे निष्क्रिय कर दिया गया. मगर इसके बाद ब्रितानी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को ये सलाह जारी की कि वे बग़दाद में रेस्त्रां में जाने से बचें. |
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