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ग़लत सूचनाओं के लिए माफ़ी माँगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इराक़ के महाविनाश के हथियारों के बारे में ग़लत सूचनाओं के लिए माफ़ी माँगी है, लेकिन कहा है कि उन्होंने जानबूझकर किसी को धोखा नहीं दिया है. संसद में विपक्षी दलों के तीखे हमलों के बीच कहा कि इराक़ पर हमले के लिए उन्हें अफ़सोस नहीं है. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं ऐसी किसी भी सूचना की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए माफ़ी माँगता हूँ जो कि अंतत: ग़लत साबित हुई हों." ब्लेयर ने कहा, "लेकिन मैं इस आरोप को मानने को बिल्कुल तैयार नहीं हूँ कि मैंने किसी को धोखा दिया है. मैं सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए माफ़ी नहीं माँगूंगा. मैं इराक़ पर हमले के लिए माफ़ी नहीं माँगूंगा." बहस ताज़ा बहस सरकार की इस स्वीकारोक्ति के बाद हो रही है कि 45 मिनट के भीतर महाविनाश के हथियार तैनात करने की इराक़ी क्षमता संबंधी दावों को वापस ले लिया गया है. उल्लेखनीय है कि इराक़ पर हमले से पहले ब्लेयर ने इस दावे को मज़बूती से सामने रखा था. कंज़र्वेटिव नेता माइकल हॉवर्ड ने उनसे माँग की कि वे ख़ुफ़िया सूचनाओं को ग़लत ढंग से पेश करने के लिए माफ़ी माँगे. जबकि लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता चार्ल्स क्लार्क ने ब्लेयर पर अवैध लड़ाई शुरू करने का आरोप लगाया. अपने जवाब में ब्लेयर ने कहा कि सद्दाम हुसैन को हटाया जाना ज़रूरी था और इराक़ सर्वे ग्रुप ने भी कहा है कि पूर्व इराक़ी नेता ने महाविनाश के हथियार विकसित करने का इरादा कभी नहीं छोड़ा था. |
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