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'परमाणु केंद्र पूरी तरह सुरक्षित' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने परमाणु हथियारों के बारे में संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी की चिंता को ख़ारिज करते हुए कहा है कि देश के परमाणु ठिकाने सुरक्षित है. संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इराक़ के परमाणु केंद्र से ऐसी तकनीक, उपकरण और सामग्रियाँ ग़ायब हैं जिनका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है. अंतरिम सरकार के तकनीकी मंत्री राशिद उमर ने बीबीसी को बताया कि यह सच है कि इराक़ में अमरीकी हमले के तुरंत बाद ही लुटेरों ने कुछ उपकरण लूट लिए थे. लेकिन उसके बाद से इराक़ के मुख्य परमाणु केंद्र तुवैथा और अन्य परमाणु ठिकानों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक मोहम्मद अल बारादेई ने संयुक्त राष्ट्र को अपनी नियमित छमाही रिपोर्ट में कहा है कि उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में नज़र आता है कि संबंधित इमारतें गिरा दी गई हैं और उनका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया है. आईएईए के प्रवक्ता मार्क गोज़देस्की ने कहा कि अमरीकी ख़ुद इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकते हैं लेकिन अभी उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि यह समस्या परमाणु प्रसार से जुड़ी हुई है और तब तक चिंता का विषय है जब तक यह पता नहीं चल पाता कि ग़ायब हुए उपकरण सुरक्षित हाथों में हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट मंगाई है.
इराक़ के तकनीकी मंत्री राशिद उमर ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं कि इराक़ का मुख्य परमाणु केंद्र तुवैथा की कोई इमारत नष्ट कर दी गई है. उन्होंने कहा कि तुवैथा परमाणु केंद्र को शांतिपूर्ण शोध के लिए विज्ञान और तकनीकी पार्क बनाने की योजना पर अमल किया जा रहा है. इसके लिए उसकी आठ इमारतों में काम चल रहा है. उमर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इराक़ आईएईए के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों का पूरी तरह निर्वाह करेगा. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी को इराक़ आने का निमंत्रण दिया और कहा कि एजेंसी यहाँ आकर जाँच-पड़ताल कर सकती है. आईएईए के निरीक्षकों को इराक़ में स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं हैं. उन्होंने युद्ध से पहले अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सद्दाम हुसैन ने अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दिया था. अपील पिछले जून में तुवैथा परमाणु केंद्र की थोड़ी-बहुत जाँच के अलावा आईएईए की किसी भी टीम को वहाँ नहीं भेजा गया है. आईएईए को उपग्रह से मिलने वाली तस्वीरों और कुछ अन्य संगठनों की सूचना पर ही निर्भर रहना पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे एक पत्र में आईएईए के महानिदेशक मोहम्मद अल बारादेई ने कहा है कि इराक़ के परमाणु केंद्रों से जुड़ी इमारतों को व्यवस्थित ढंग से तोड़ा गया है और उपकरण हटाए गए हैं. बारादेई ने कहा, "कई महत्वपूर्ण उपकरणों और सामग्रियों के ग़ायब होना परमाणु प्रसार से जुड़ा हो सकता है." उन्होंने कहा कि रॉकेट इंजन जैसे संवेदनशील तकनीक विदेशों में बिक्री के लिए देखे गए. बारादेई ने दुनियाभर के देशों से अपील की कि अगर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी मिले तो वे तुरंत एजेंसी को सूचित करें. अमरीका ने इसी साल क़रीब दो टन कम संवर्धित यूरेनियम इराक़ से हटाया है. आईएईए ने इसकी पुष्टि की है कि अभी भी तुवैथा परमाणु केंद्र में 550 टन परमाणु सामग्री मौजूद है. आईएईए के मुताबिक़ इराक़ ने परमाणु सामग्रियों को बेचने और परमाणु केंद्रों को बंद करने में सहायता माँगी है. |
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