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बसरा में शांति क़ायम करने की कोशिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर बसरा स्थित ब्रितानी सैनिकों का कहना है कि वे स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर वहाँ शांति और व्यवस्था फिर से क़ायम करने की कोशिश कर रहे हैं. बसरा में शिया धार्मिक नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों और ब्रितानी सैनिकों के बीच शनिवार को उस समय झड़प शुरू हो गई थी जब सद्र के समर्थकों ने शहर पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की. संघर्ष में कम से कम दो इराक़ी मारे गए हैं और कई ब्रितानी सैनिक घायल हैं. बसरा के साथ-साथ इसके उत्तर में स्थित अमराह शहर में भी ब्रितानी सैनिकों ने मुक़्तदा अल सद्र के एक दफ़्तर पर हमला किया. ख़बर है कि यहाँ तीन इराक़ी मारे गए. बसरा में हिंसा लेकिन अब ताज़ा ख़बर ये है कि संघर्ष में कमी आई है. हाल के दिनों में नजफ़ और करबला में भी सद्र समर्थकों और अमरीकी सैनिकों के बीच भी हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है.
बसरा में हिंसा उस समय शुरू हुई जब मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों ने लोगों को शहर में घुसने से रोका. शुक्रवार को बसरा में सद्र के एक प्रतिनिधि ने ब्रितानी सैनिकों पर हमला करने के लिए लोगों को ईमान देने की घोषणा की थी. माना जा रहा है कि इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की तस्वीरें छपने की वजह से भी संघर्ष में एकाएक तेज़ी आ गई. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सद्र समर्थकों ने बसरा में कई महत्वपूर्ण इमारतों पर हमला किया. उन्होंने तेल कंपनी के मुख्यालय और सरकारी कार्यालयों को भी निशाना बनाया. |
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