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अपहरणकर्ताओं की नई धमकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में मारग्रेट हसन को बंधक बनाने वालों ने धमकी दी है कि यदि ब्रिटेन के सैनिक 48 घंटे के भीतर इराक़ से नहीं हटे तो वे मारग्रेट को चरमपंथी नेता अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी के हवाले कर देंगे. अरबी टेलीविज़न चैनेल अल-जज़ीरा पर प्रसारित एक वीडियो में एक नक़ाबपोश को यह चेतावनी देते हुए दिखाया गया. जोर्डन में जन्मे ज़रक़ावी ने ब्रतानी नागरिक केन बिगली सहित कई विदेशियों का सिर क़लम करने की बात स्वीकार की है. मारग्रेट हसन की बहन ने अपहरणकर्ताओं से अपील की है कि वे मारग्रेट को बिना कोई नुक़सान पहुँचाए रिहा कर दें. उन्होंने कहा, "हमने आपकी मांगों को सुना है और टोनी ब्लेयर और ब्रितानी सरकार से प्रार्थना की है कि वे महिला क़ैदियों को रिहा कर दें और सैनिकों को वहाँ न भेजें". "लेकिन हम आयरिश हैं और हमारा ब्रिटेन सरकार पर कोई ज़ोर नहीं है". अल-ज़ज़ीरा ने कहा कि मारग्रेट हसन की हालत इतनी ख़राब है कि वह पूरा वीडियो नहीं दिखा पा रहा है. आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी आहर्न ने कहा कि टेप में जो कुछ दिखाया गया है वह 'तकलीफ़देह' है. उन्होंने कहा कि मारग्रेट हसन के कोई राजनीतिक सरोकार नहीं हैं और वह सिर्फ़ ग़रीबों और दुखियारों का प्रतिनिधित्व करती हैं. उनका कहना था, "आपकी लड़ाई मारग्रेट हसन से नहीं है और न ही आयरिश जनता से है जो अरब देशों के घनिष्ठ मित्र हैं". मारग्रेट हसन का दो हफ़्ते पहले बंदूक़धारियों ने अपहरण कर लिया था. उसके बाद से उन्हें वीडियो टेप पर ब्रिटेन से यह अपील करते दिखाया गया है कि वह इराक़ से सैनिक वापस बुला ले. |
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