| इराक़ के ग़रीबों की हितैषी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डब्लिन में पैदा हुई मारग्रेट हसन 60 साल की हैं. इसमें से 30 साल उन्होंने इराक़ में बिताए हैं. अंतरराष्ट्रीय संस्था केयर इंटरनेशनल ने जब 1991 में इराक़ में काम करना शुरू किया तो वह इससे आ जुड़ीं. और आज वह इराक़ में इस संस्था की प्रमुख हैं. मारग्रेट के पति तहसीन अली हसन हैं, जोकि इराक़ी नागरिक हैं. मारग्रेट के पास ब्रिटेन और इराक़ की दोहरी नागरिकता है. उनकी सहेली फ़ेलिसिटी अर्बथनॉट एक फ़िल्मकार हैं जिन्होंने इराक़ में उनके काम का फ़िल्मांकन करते हुए कुछ समय बिताए थे. वह मारग्रेट को एक मज़बूत इरादे वाली असाधारण महिला मानती हैं. फ़ेलिसिटी उस दृश्य को याद करती हैं जब इराक़ में मारग्रेट के साथ वह पानी साफ करने के एक संयंत्र का दौरा करने गईं. उन्होंने बताया कि कैसे छोटे-छोटे बच्चे उसके पास जमा होकर 'मैडम मारग्रेट, मैडम मारग्रेट' का शोर करने लगे थे. ब्रिटेन की भूमिका से नाख़ुश केयर ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख रॉबर्ट ग्लैसर कहते हैं, "उन्होंने इराक़ में रहकर वहाँ की ग़रीब जनता के लिए 25 वर्षों तक काम किया है."
उल्लेखनीय है कि इराक़ पर हमले से पहले मारग्रेट ने ब्रितानी संसद की एक समिति को आगाह किया था कि सैनिक कार्रवाई के बाद ग़रीब इराक़ियों की समस्याएँ और बढ़ेंगी. हमले से ठीक पहले उन्होंने 'न्यूकासल जर्नल' को बताया कि सैनिक कार्रवाई में ब्रिटेन के शामिल होने से वह दुखी हैं. हालाँकि हमले के दौरान भी मारग्रेट इराक़ में ही रहीं. उन्हें विश्वास था कि उन्हें बदले की किसी कार्रवाई का शिकार नहीं बनना पड़ेगा. मारग्रेट जिस सहायता संस्था केयर इंटरनेशनल की इराक़ प्रमुख हैं, उसका शुमार दुनिया की सबसे बड़ी सहायता संस्था में है जिसकी शाखाएँ 72 देशों में हैं. इराक़ में केयर इंटरनेशनल को ज़ोर आपात और चिकित्सा सहायता प्रदान करने और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है. इसके बग़दाद कार्यालय में 30 कर्मचारी काम करते हैं, और उनमें से सभी इराक़ी हैं. |
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