|
ब्रिटेन इराक़ में और सैनिक भेजेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ज्यैफ़ हून ने यह पुष्टि कर दी है कि इराक़ में अमरीकी के नियंत्रण वाले क्षेत्र में और 850 ब्रितानी सैनिक तैनात किए जाएंगे. हून ने ब्रितानी संसद को गुरूवार को बताया कि सैन्य कारणों से एक बख़्तरबंद पैदल बटालियन और 200 सहायक सैनिकों को इराक़ भेजा जाएगा. हून ने कहा कि ये सैनिक ब्रितानी कमांडर के नियंत्रण में ही रहेंगे और यह तैनाती महीनों में नहीं बल्कि सिर्फ़ कुछ सप्ताह ही रहेगी. यह पूछे जाने पर कि जब इराक़ में पहले से ही एक लाख तीस हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिक मौजूद हैं तो यह तैनाती क्यों ज़रूरी समझी जा रही है, हून ने कहा कि वहाँ जनवरी में होने वाले चुनावों के लिए जिस विशेषज्ञता की ज़रूरत है, ब्रितानी सैनिक उसमें माहिर हैं. ज्यैफ़ हून ने ज़ोर देकर कहा कि ब्रितानी सैनिकों पर वही नियम लागू होंगे जिनके तहत वे इराक़ के दक्षिणी क्षेत्र में तैनात हैं. बीबीसी के राजनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि सरकार की इस घोषणा से इसके कुछ सांसद नाराज़ होंगे जो इसे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के लिए एक तोहफ़ा समझते हैं. ग़ौरतलब है कि अमरीकी में दो नवंबर को राष्ट्रपति पद के चुनाव होने वाले हैं. हून ने कहा कि ये सैनिक एक सैन्य सलाह पर इराक़ भेजे जा रहे हैं. "नपेतुले मूल्यांकन के बाद चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने यह सलाह दी है कि ब्रितानी सैनिक प्रस्तावित अभियान चलाने के क़ाबिल हैं, और ऐसा करने के सैन्य कारण हैं और इसमें उतना ही ख़तरा है जितना ब्रितानी सैनिक उठाने योग्य हैं." ज्यैफ़ हून ने अलबत्ता इन ख़बरों का खंडन किया कि ब्रिटेन इराक़ में 1300 सैनिक भेजेगा. विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी के रक्षा मामलों के नेता निकोलस सोअम्स ने कहा कि उनका दल इस तैनाती को इराक़ में शांति बहाली के प्रयासों में योगदान के लिए एक ज़रूरी सैन्य तैनाती मानते हुए इसका समर्थन करता है. उधर प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने कहा, "इराक़ में और सैनिक भेजे जाने के मुद्दे पर सरकार में सर्वसहमति है और कमांडरों और उनके इस फ़ैसले के लिए इज़्ज़त है." |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||