| 'हथियार के बदले धन' योजना का विस्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि बग़दाद में सफल रही 'हथियार के बदले धन' योजना को देश के अन्य इलाक़ों में भी कार्यान्वित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि क्षमादान की यह योजना जनवरी में देश में चुनाव कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है. अलावी ने बग़दाद के सद्र सिटी में हथियार के बदले धन योजना की समय सीमा दूसरी बार बढ़ाने की भी घोषणा की है. अब वहाँ विद्रोही अगले गुरुवार तक अपने हथियार अधिकारियों को सौंप सकेंगे. अलावी ने कहा कि कुछ लोगों ने निर्धारित संग्रह केंद्रों तक हथियार लाने में आ रही परेशानियों का ज़िक्र किया है. उल्लेखनीय है कि हथियार सौंपने का समझौता होने से पहले सद्र सिटी में चरमपंथियों और अमरीकी सैनिकों के बीच लगातार झड़प हो रही थी. अमरीकी आग्रह इस बीच लंदन में ब्रितानी रक्षा मंत्री ज्यॉफ़ हून ने इस बात की पुष्टि की है कि अमरीका ने ब्रिटेन से बग़दाद के क़रीबी इलाक़ों में अपने सैनिक तैनात करने का अनुरोध किया है. संसद में एक बहस में हिस्सा लेते हुए हून ने कहा कि अमरीकी अनुरोध में ब्रितानी सैनिकों को बग़दाद या फ़लूजा में तैनात करने की बात नहीं है. हून ने कहा कि अमरीका का आग्रह अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य जनवरी में प्रस्तावित चुनावों के लिए इराक़ में सुरक्षा स्थिति को मज़बूत बनाना है. उल्लेखनीय है कि इस समय ब्रितानी सैनिक इराक़ के दक्षिण हिस्से बसरा शहर और आसपास केंद्रित हैं. अमरीका चाहता है कि ब्रितानी सैनिक बग़दाद के आसपास तैनात किए जाएँ ताकि वो अपने सैनिकों को फ़लूजा जैसे चरमपंथियों के गढ़ पर हमले में लगा सकें. |
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