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दारफ़ूर में बीमारियों से हज़ारों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि सूडान के दारफ़ूर क्षेत्र में इस साल मार्च से कुपोषण और विभिन्न बीमारियों से सत्तर हज़ार से भी ज़्यादा लोग मारे गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य आपदा ग्रुप के अध्यक्ष डेविड नबारो ने कहा है कि अब भी शरणार्थी शिविरों में हर महीनें दस हज़ार के आसपास लोग मारे जा रहे हैं. उन्होंने कहा है कि अगर बहुत जल्दी ही सहायता नहीं मुहैया कराई जाती तो मौतें और बढ़ सकती हैं. अफ्रीकी संघ ने घोषणा की है कि वह जल्दी ही दारफ़ूर क्षेत्र में शांति सैनिक तैनात करने जा रहा है. अफ्रीकी संघ के चेयरमैन और नाईजीरिया के राष्ट्रपति ओलुसेगुन ओबेसांजो ने कहा कि रवाँडा की एक बटालियन रविवार को दारफ़ूर पहुँच जाएगी और उसके बाद नाईजीरिया के सैनिक भी जल्दी ही पहुँच जाएंगे. ओबेसांजो ने कहा कि इस साल नवंबर तक दारफ़ूर क्षेत्र में साढ़े चार हज़ार शांति सैनिक तैनात करने की योजना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले महीने तक मृतकों की संख्या पचास हज़ार बताई थी. संगठन के स्वास्थ्य आपदा ग्रुप के अध्यक्ष डेविड नबारो ने कहा कि इस संकट से उबरने के लिए तीस करोड़ डॉलर की ज़रूरत है लेकिन अभी इसकी आधी रक़म ही मिल पाई है. "हम अकाल जैसे हालात से गुज़र रहे हैं और अगर दारफ़ूर के लोगों की पीड़ा का अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए कोई महत्व है तो ऐसी मदद तुरंत मिलनी चाहिए जो लंबे समय तक टिकाऊ हो." उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि दारफ़ूर के लोगों के बारे मे सिर्फ़ चिंता ज़ाहिर करने के बजाय धन की सहायता दें. |
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