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दारफ़ुर में हज़ारों की मौत की आशंका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा है कि सूडान के अशांत दारफ़ुर इलाक़े में जारी संघर्ष में 50 हज़ार से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र के आपात सहायता समन्वयक यान एगेलैन ने स्थिति को निराशाजनक बताते हुए कहा कि हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस बीच सहायताकर्मियों ने पड़ोसी चाड में शरणार्थियों के बीच राहत सामग्री का वितरण दोबारा शुरू कर दिया है. हिंसा की घटनाओं के कारण सहायताकर्मियों ने अपना काम रोक दिया था. दारफ़ुर में पिछले साल संघर्ष शुरू होने के बाद से 10 लाख से ज़्यादा लोगों को शरणार्थी बनने पर विवश होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि एगेलैन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "इन 10 लाख विस्थापित लोगों में 30 से 50 हज़ार की अब तक मौत हो जाने की आशंका है." सूडान की सरकार समर्थित मिलिशिया जंजावीड़ पर अश्वेत अफ़्रीकी मूल के लोगों के जातीय नरसंहार का आरोप है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दारफ़ुर को दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच रविवार को ब्रितानी सहायता संस्था ऑक्सफ़ैम ने एक विशेष विमान से 30 टन राहत सामग्री दारफ़ुर भिजवाई है. |
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