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ब्लेयर के भाषण पर मिश्रित प्रतिक्रिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के लेबर पार्टी के सम्मेलन में दिए भाषण और उसमें इराक़ के बारे में की गई टिप्पणी पर मिश्रित प्रतिक्रिया हुई है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि जहाँ प्रधानमंत्री अपने भाषण से शायद अधिकतर लेबर समर्थकों को इराक़ पर मतभेद भूल जाने और चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में मना सके वहीं इराक़ युद्ध के कट्टर विरोधियों पर शायद उनके भाषण को कोई ख़ास असर नहीं होगा. ब्रिटेन के प्रमुख विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री ब्लेयर के भाषण को ख़ारिज कर दिया. जहाँ कंज़रवेटिव पार्टी ने इसे महज़ 'बयानबाज़ी' कहा वहीं लिब्रल डेमोक्रैट्स ने कहा कि वे 'इराक़ पर युद्ध करने के नए बहाने' बता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि सद्दाम हुसैन के पास व्यापक विनाश की क्षमता वाले हथियार होने से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी ग़लत थी. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि वे सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने में शामिल होने के लिए माफ़ी नहीं माँग सकते. ब्लेयर का ये भाषण इतना सहज नहीं रहा और युद्ध विरोधियों ने उनको बीच में टोका. उन्होंने भाषण का केंद्र रखा ब्रिटेन को अधिकतर लोगों के लायक बनाने पर. ब्लेयर जब भाषण के लिए आए तो उनके समर्थकों ने नारे लगाए 'चार साल और...' मगर कुछ ही देर में युद्ध विरोधी एक व्यक्ति ने उन्हें भाषण के बीच में टोका. उस व्यक्ति को वहाँ से हटा दिया गया और ब्लेयर ने उस व्यक्ति से कहा कि आप विरोध करने के लिए स्वतंत्र हैं मगर ईश्वर को धन्यवाद दीजिए कि आप एक लोकतंत्र में रह रहे हैं. 'राजनीतिक संतुलन' बीबीसी के राजनीतिक संपादक एंड्रयू मार का कहना है कि प्रधानमंत्री ब्लेयर का भाषण एक ऐसे व्यक्ति का भाषण था जो अपना राजनीतिक संतुलन वापस पाने की कोशिश कर रहा हो. उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने इराक़ पर विस्तार से चर्चा की. लेकिन एंड्रयू मार के अनुसार प्रधानमंत्री का भाषण लेबर पार्टी के मूल मूल्यों के करीब नज़र आया. उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने अवसरों और जो अपेक्षित वर्ग की बात की, 'न्यू लेबर' की नीतियों का विश्लेषण किया. एंड्रयू मार अनुसार ऐसा प्रतीत हुआ के ये ऐसे नेता का भाषण है जो प्रतियोगिता से बाहर जाने की नहीं बल्कि बीच मैदान में रहकर प्रतियोगिता में भाग लेने की बात कर रहा है. इराक़ पर चर्चा प्रधानमंत्री ब्लेयर ने बंधक बनाए गए ब्रितानी नागरिक केन बिगली और उनके परिवार के प्रति भी इस भाषण में समर्थन व्यक्त किया था. उन्होंने कहा था कि वह इराक़ मसले का सीधे तौर पर सामना करना चाहते हैं. ब्रितानी प्रधानमंत्री का कहना था, "समस्या ये है कि मैं ख़ुफ़िया जानकारी ग़लत होने के लिए तो माफ़ी माँग सकता हूँ मगर मैं सद्दाम को हटाने के लिए कभी माफ़ी नहीं माँग सकता. सद्दाम के जेल में होने से दुनिया एक बेहतर जगह हो गई है." ब्लेयर ने अपनी सरकार की उपलब्धियाँ भी इस दौरान गिनाईं. |
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