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इराक़ युद्ध पर ब्लेयर सवालों के घेरे में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के अनुसार इराक़ युद्ध से पहले मिली ख़ुफ़िया जानकारी में कुछ ग़लतियों का ये मतलब नहीं है कि युद्ध का फ़ैसला सही नहीं था. मगर विपक्षी दलों ने उन्हें इस मुद्दे पर पूरी तरह घेरने की कोशिश की है. इराक़ युद्ध और ख़ुफ़िया जानकारियों से जुड़ी बटलर रिपोर्ट आने के बाद संसद में बहस में हिस्सा लेते हुए ब्लेयर ने सांसदों से कहा कि उस समय भी ये स्पष्ट था कि सद्दाम हुसैन एक ख़तरा थे. ब्लेयर ने अपनी विश्वसनीयता को लेकर उठने वाले सवालों को ख़ारिज कर दिया. रिपोर्ट देते हुए लॉर्ड बटलर ने कहा था कि इराक़ पर युद्ध से पहले जो भी ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी वह भरोसेमंद नहीं थी. मगर इस बीच विपक्ष के नेता माइकल हॉवर्ड के अनुसार ब्लेयर ये नहीं बता पाए कि ख़ुफ़िया जानकारी उस तथ्य के मुताबिक़ क्यों नहीं थी जो जनता को बताया गया. इस बीच लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता चार्ल्स केनेडी का कहना था कि ब्लेयर को युद्ध को लेकर शर्मिंदा होना चाहिए. 'हथियार थे' ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि ख़ुफ़िया जानकारियों के बाद इस बात को लेकर कोई शक नहीं रह गया था कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के पास महाविनाश की क्षमता वाले हथियार थे. बटलर रिपोर्ट में प्रधानमंत्री को एक तरह से बेदाग साबित करते हुए कहा गया था कि इस पूरे मामले में उनकी मंशा ग़लत नहीं थी. इसके बाद ब्लेयर ने उस ख़ुफ़िया जानकारी का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि सद्दाम हुसैन के पास हथियार थे. ब्लेयर ने इस पर भी ज़ोर दिया कि वह संयुक्त राष्ट्र में इराक़ पर दूसरे प्रस्ताव के पक्ष में थे मगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय कोई अंतिम चेतावनी देने के लिए तैयार नहीं हुआ. ब्लेयर ने माना कि युद्ध का फ़ैसला लेने के दौरान कुछ ग़लतियाँ हुईं मगर ये फ़ैसला ग़लत नहीं था. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में संयुक्त ख़ुफ़िया समिति का आकलन सरकार के आकलन से अलग से प्रस्तुत किया जाएगा. |
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