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इराक़ पर फ़ैसला सही था: ब्लेयर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में कार्रवाई के लिए ख़ुफ़िया जानकारी के इस्तेमाल पर बटलर समिति की कड़ी टिप्पणी के बावजूद ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने सैनिक कार्रवाई के फ़ैसले को सही ठहराया है. बटलर समिति की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि सरकार रिपोर्ट के सभी निष्कर्षों को स्वीकार करती है. संसद में उन्होंने कहा कि सरकार ने जो किया अच्छी मंशा के साथ किया और इसमें जो भी ग़लतियाँ हुईं उसे वे स्वीकार करते हैं. इससे पहले इराक़ पर ख़ुफ़िया सूचनाओं की जाँच के बाद बटलर समिति ने ब्रितानी ख़ुफ़िया एजेंसियों की गंभीर आलोचना की थी. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में संयुक्त ख़ुफ़िया समिति और सरकार के बीच साफ़ अंतर किया गया है. उन्होंने कहा कि ख़ुफ़िया सूचनाओं को जिस तरह पेश किया गया और जो दूसरी ग़लतियाँ हुईं उसकी ज़िम्मेदारी वे स्वीकार करते हैं. टोनी ब्लेयर ने कहा कि लॉर्ड बटलर ने अपनी जाँच के बाद कहा है कि कोई झूठ नहीं बोला और ख़ुफ़िया एजेंसियों की सलाह के विरुद्ध दस्तावेज़ में कोई जानकारी जोड़ी नहीं गई इसलिए अब उनकी सरकार की नीयत पर शंका करना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने इराक़ पर हमले के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि वह उनके लिए सबसे कठिन निर्णय था. विपक्ष की प्रतिक्रिया बटलर रिपोर्ट और उस पर प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की प्रतिक्रिया के बाद विपक्ष के नेता कंज़रवेटिव माइकल हॉवर्ड ने कहा है कि सवाल टोनी ब्लेयर की विश्वसनीयता का है....और यह कि क्या ख़ुफ़िया सूचनाओं को लेकर उन्होंने ब्रितानी जनता को सही जानकारी दी थी. उधर लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता चार्ल्स केनेडी ने कहा है कि बड़ा सवाल यह था कि क्या इराक़ पर हमला वैधानिक था और अब सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि महाधिवक्ता ने सरकार को हमले के बारे में क्या राय दी थी. |
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