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आज सार्वजनिक होगी बटलर रिपोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सैनिक कार्रवाई के लिए जिस तरह ख़ुफ़िया जानकारियों का इस्तेमाल किया गया, उसे लेकर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और राष्ट्रपति बुश तो पहले से ही आलोचना झेल रहे हैं. लेकिन आज बारी है ब्रितानी सरकार की. ख़ुफ़िया जानकारियों के इस्तेमाल को लेकर गठित बटलर आयोग की रिपोर्ट तो मंगलवार को ही सरकार को सौंप दी गई थी लेकिन इसे आज सार्वजनिक किया जा रहा है. माना जा रहा है कि अमरीका की सीनेट समिति की तरह बटलर रिपोर्ट में भी सरकार और ख़ुफ़िया सेवाओं पर कड़ी टिप्पणी हो सकती है. कुछ दिन पहले ही अमरीकी सीनेट की एक ख़ुफ़िया समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ख़ुफ़िया अधिकारियों ने इराक़ की नाइज़र से यूरेनियम ख़रीदने की कोशिश के बारे में जानकारी को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था. दरअसल नाइज़र से इराक़ के यूरेनियम ख़रीदने के दावे को ब्रिटेन की ख़ुफ़िया जानकारी माना गया था और अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने पिछले साल अपने भाषण में इसका हवाला भी दिया था. हालाँकि बाद में बुश प्रशासन ने इसका खंडन किया और कहा कि भाषण में इसका ज़िक्र नहीं होना चाहिए था. सीनेट समिति का कहना था कि यह दावा शुरू से ही विवादित था. समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी थी कि ब्रितानी ख़ुफ़िया अधिकारियों के साथ-साथ फ़्रांसीसी ख़ुफिया अधिकारियों ने भी अमरीका को यह बताया था कि इराक़ नाइज़र से यूरेनियम लेने की कोशिश कर रहा है. अब इस पूरे मामले पर निगाह बटलर रिपोर्ट पर है कि उसका ख़ुफ़िया जानकारियों के इस्तेमाल पर क्या कहना है. ब्लेयर का रुख़ बटलर आयोग का गठन लॉर्ड हटन की उस रिपोर्ट के बाद किया गया था जिसमें सरकार को जान-बूझकर ख़ुफ़िया जानकारी के दुरुपयोग के आरोप पर क्लीन चिट दे दी गई थी.
हटन रिपोर्ट पर मीडिया और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया के बाद ही बटलर आयोग का गठन किया गया था. बटलर रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि इराक़ के बारे में उनकी सोच में कोई बदलाव नहीं आया है. ब्लेयर ने कहा कि दुनिया सद्दाम हुसैन के बिना ज़्यादा सुरक्षित है. उन्होंने कहा, "सद्दाम हुसैन ने अपने देश और दुनिया के लिए जो भी किया. उसके आधार पर तो मैं इतना ही कह सकता हूँ कि हम उनके बिना ज़्यादा सुरक्षित हैं." उन्होंने कहा कि इराक़ में स्थिति बदल रही है. कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ब्लेयर ने यह स्वीकार किया था कि इराक़ में शायद महाविनाश के हथियार न मिलें. |
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