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सीआईए निदेशक को और अधिकार मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख को और अधिकार देने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किया है. ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसके लिए अमरीकी संसद यानि सीनेट से अनुमति लेने की ज़रूरत भी नहीं है. सीआईए का प्रमुख अब एक नए संस्थान का प्रमुख भी होगा जिसका नाम रखा गया है- 'राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र'. 11 सितंबर 2001 के हमलों की जाँच करने वाले आयोग की सिफ़ारिशें आने के बाद से बुश प्रशासन पर काफ़ी दबाव रहा है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही पार्टियों ने आयोग की सिफ़ारिशों को मोटे तौर पर स्वीकार किया है लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि दोनों ही पार्टियाँ इस पर भी बहस कर रही हैं कि उन सिफ़ारिशों को किस तरह से लागू किया जाए. जानकारों का कहना है कि देर सबेर ये क़दम तो उठाए ही जाने थे लेकिन महत्वपूर्ण है उनका समय. समय महत्वपूर्ण वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता डैन ग्रिफ़िथ्स का कहना है कि ये महज़ इत्तेफ़ाक नहीं है कि बुश इस आदेश पर ऐसे समय पर दस्तख़त कर रहे हैं जिसके कुछ ही दिन बाद चुनाव के लिए उनकी रिपब्लिकन पार्टी का सम्मेलन होने वाला है. आतंकवाद इन चुनावों में महत्वपूर्ण रहा है और सम्मेलन के ठीक पहले ये घोषणा करके बुश इसका पूरा राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मतदाताओं को वे ये संदेश दे सकें कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर वे कोई समझौता नहीं करेंगे. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मेक्कलेलन ने कहा कि सीआईए प्रमुख अस्थाई रूप में राष्ट्रीय ख़ुफ़िया निदेशक के तौर पर भी कार्य करेंगे. |
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