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अब़ू ग़रैब में दुर्व्यहार का एक और मामला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्वांतानामो बे की सैन्य अदालत में चार क़ैदियों के ख़िलाफ़ मंगलवार को सुनवाई शुरु होने जा रही है. क्यूबा के इस अमरीकी नौसैनिक अड्डे में दो साल से से भी अधिक समय से क़ैद लोगों की यह पहली सुनवाई होगी. इन चार क़ैदियों में दो यमन नागरिक हैं और एक-एक आस्ट्रेलिया और सूडान के. समझा जाता है कि इन्हें अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने गिरफ़्तार किया था. उनके ख़िलाफ़ युद्ध अपराध और अमरीका के ख़िलाफ़ लड़ाई के आरोप हैं. राष्ट्रपति बुश ने आदेश दिए हैं कि ग्वांतानामो बे के 590 क़ैदी दुश्मन के लड़ाके हैं और उन पर सैन्य अदालत में कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह प्रक्रिया ग़ैरक़ानूनी है. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह पहला मौक़ा होगा जब सैन्य अदालत इस तरह के किसी मामले की सुनवाई कर रही होगी. इस अदालत में पाँच सैन्य अधिकारी होंगे. सरकारी और बचाव पक्ष दोनों के वकील भी सेना से ही होंगे. अमरीकी प्रशासन का कहना है कि सामान्य अदालतों में इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं हो सकती. |
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