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ग्वांतनामो बे में क़ैदियों की सुनवाई शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक सैन्य अदालत ने ग्वांतानामो बे के चार क़ैदियों के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरु कर दी है. पचास सालों में पहली बार ऐसी सुनवाई हो रही है. क्यूबा के इस अमरीकी नौसैनिक अड्डे में दो साल से से भी अधिक समय से क़ैद लोगों की यह पहली सुनवाई है. इन चार क़ैदियों में दो यमन नागरिक हैं और एक-एक आस्ट्रेलिया और सूडान के. समझा जाता है कि इन्हें अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने गिरफ़्तार किया था. 34 साल के सलीम अहमद को सबसे पहले अदालत में पेश किया गया. वह अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का ड्राइवर था. वे यमन के नागरिक हैं. पहले उनके ख़िलाफ़ आरोप था कि अल क़ायदा सदस्य के रुप में उन्होंने षडयंत्र रचा और हत्याएँ कीं. ऑस्ट्रेलिया के 29 साल के डेविड हिक्स को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा. उनके अलावा दो अन्य क़ैदियों को जिनमें 33 साल के अहमद सुलेमान अल बाहलल और 44 साल के अहमद मोहम्मद अल क़ोसी हैं, को इसी हफ़्ते बाद में पेश किया जाएगा. राष्ट्रपति बुश ने आदेश दिए हैं कि ग्वांतानामो बे के 590 क़ैदी दुश्मन के लड़ाके हैं और उन पर सैन्य अदालत में कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह प्रक्रिया ग़ैरक़ानूनी है. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह पहला मौक़ा है जब सैन्य अदालत इस तरह के किसी मामले की सुनवाई कर रही है. इस अदालत में पाँच सैन्य अधिकारी हैं. सरकारी और बचाव पक्ष दोनों के वकील भी सेना से ही हैं. अमरीकी प्रशासन का कहना है कि सामान्य अदालतों में इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं हो सकती. |
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