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सद्र संघर्ष विराम को राज़ी, एसेंबली गठित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र संघर्ष ख़त्म करने के लिए राज़ी हो गए हैं. उन्होंने नजफ़ स्थित हज़रत अली की पवित्र मज़ार से अपने लड़ाकों को हटाने की पेशकश की है. वहाँ पवित्र मज़ार को अमरीकी और इराक़ी सुरक्षा बलों ने घेर रखा है. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि इस संघर्ष के सिलसिले में ये अंतिम समझौता है या नहीं. उधर बग़दाद में इराक़ी राष्ट्रीय सम्मेलन में अंतरिम एसेंबली का गठन किया गया है जो जनवरी में होने चुनावों तक सरकार के कामकाज की देखरेख करेगी. संघर्षविराम के संकेत नहीं नजफ़ से बीबीसी संवाददाता कईली मॉरिस का कहना है कि नजफ़ में ऐसा नहीं लगता कि कोई संघर्षविराम है. जहाँ रात में गोलीबारी से आसमान जगमगा उठता है वहीं सड़कों पर अमरीकी टैंक नज़र आते हैं. मेहदी सेना की ओर से अब तक हथियार छोड़ देने की बात तो सामने नहीं आई है और इराक़ी पुलिस ने ख़तरा देखते हुए नागरिकों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है. अपने लड़ाकों को निशस्त्र करने और हज़रत अली की मज़ार छोड़ देने पर सहमत होने के बाद शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने शर्त लगाई है कि पहले संघर्षविराम होना चाहिए. नजफ़ के लोगों का कहना है कि वे दोनो पक्षों में हुई सहमति की बात तब तक नहीं मानेंगे जब तक गोलीबारी चलती रहती है. उधर बग़दाद से बीबीसी संवाददाता एलिस्टर लाइटहेड का कहना है कि बग़दाद में बिना किसी तय कार्यक्रम के चौथे दिन भी इराक़ी अंतरिम परिषद की बैठक हुई है.
उनका कहना है कि बैठक के दौरान ही 'सद्र के एक प्रवक्ता' ने मुक़्तदा अल सद्र का पत्र पढ़कर सुनाया. उन्होंने कहा कि मुक़्तदा अल सद्र शर्तों को मान गए हैं. एक दिन पहले ही मुक़्तदा अल सद्र ने एक शांति प्रतिनिधिमंडल से मिलने से मना कर दिया था. राष्ट्रीय सम्मेलन इराक़ की अंतरिम नेशनल एसेंबली यानी अंतरिम संसद के चुनाव के लिए बग़दाद में चौथे दिन भी बैठक हुई. इराक़ी राष्ट्रीय सम्मेलन बग़दाद में एक अंतरिम एसेंबली के गठन के साथ ख़त्म हुआ है. ये अंतरिम एसेंबली जनवरी में होने वाले चुनावों से पहले सरकार का कामकाज की देखरेख करेगी. लेकिन इस फ़ैसले पर काफ़ी विवाद रहा है. सम्मेलन के आयोजकों ने जिन उम्मीदवारों के नाम की सूची बनाई थी उसकी बिना किसी मतदान के पुष्टि हो गई. बीबीसी संवाददाता के अनुसार सम्मेलन में कई प्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना था कि ऐसा करने से वो सब दावे खोखले साबित हुए हैं जिनमें इस सम्मेलन को लोकतंत्र की ओर पहला कदम बताया जा रहा था. इस अंतरिम एसेंबली के 81 सदस्य उन 19 सदस्यों के साथ काम करेंगे जो इराक़ी शासकीय परिषद के सदस्य थे. |
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