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सद्र ने नजफ़ छोड़ने से इनकार किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने नजफ़ छोड़ने से मना करते हुए अमरीका से इराक़ छोड़ने की माँग की है. वैसे नजफ़ में फिलहाल शांति है. इमाम अली के मज़ार पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए शिया नेता ने शुक्रवार को कहा, "हम यहीं रहेंगे...जीत मिलने तक, या शहादत तक." उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि नजफ़ में जो कुछ भी हो, वे इराक़ में बाकी जगह अमरीकी अगुआई वाली सेना के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी रखें.
हालाँकि मुक़्तदा के इस बयान से पहले उनके एक प्रवक्ता ने बताया था कि सद्र समर्थक नजफ़ खाली कर देंगे बशर्ते अमरीकी सैनिक भी ऐसा ही करें. शिया नेता ने अपने समर्थकों को रिहा किए जाने की भी माँग रखी है. बग़दाद से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार मुक़्तदा सद्र के ताज़ा बयान का मतलब ये नहीं लगाया जाना चाहिए कि नजफ़ में शांति प्रयासों की कोई संभावना नहीं रही है. इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा था कि नजफ़ संघर्ष का समाधान शीघ्र ही निकला जाएगा. लेकिन पॉवेल ने ये भी कहा कि अमरीकी और इराक़ी बल नजफ़ पर तब तक अपना शिकंजा कसते रहेंगे जब तक कि मुक़्तदा सद्र अपना ग़ैरक़ानूनी काम नहीं रोकते. |
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