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मुक़्तदा अल सद्र वार्ताकारों से नहीं मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने नजफ़ में लड़ाई ख़त्म करवाने के मकसद से वहाँ गए इराक़ी सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है. उनके समर्थकों ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा कारणों से बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया. ये बैठक नजफ़ में हज़रत अली की मज़ार में हो रही थी. उस इलाक़े में अमरीकी सेना और इराक़ी सुरक्षा बल शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के लड़ाकों पर तोपों के गोले बरसा रहे हैं और वहाँ भीषण गोलीबारी चल रही है. लेकिन इराक़ी प्रतिनिधिमंडल ने शिया नेता के समर्थकों से मुलाकात की और दोनो पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया. बीबीसी संवाददाता कईली मॉरिस का कहना था कि प्रतिनिधिमंडल बहुत तेज़ी से नजफ़ शहर में आया और उतनी ही तेज़ी से वहाँ से वापस रवाना हो गया. मुक़्तदा अल सद्र के प्रवक्ता के अनुसार बग़दाद से आए प्रतिनिधिमंडल में छह राजनीतिक और धार्मिक नेता थे जिन्हें राष्ट्रीय सम्मेलन ने चुना था लेकिन वे शिया नेता से मिल नहीं पाए.
प्रवक्ता हैदर अल तारफ़ी ने कहा कि अल सद्र को प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर आपत्ति थी और वे उन्हें वार्ताकार नहीं, दूत समझ रहे थे. कईली मॉरिस के अनुसार फिर भी वे शिया नेता तक ये संदेश पहुँचाने में सफल रहे कि बग़दाद सम्मेलन को उनसे क्या उम्मीदें हैं. उनके अनुसार इसे सकारात्मक कदम माना जाएगा. उधर बग़दाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में चौथे दिन की चर्चा हो रही है और प्रतिनिधियों को और समय दिया जा रहा है ताकि वे अंतरिम एसेंबली के सदस्य चुन सकें. राष्ट्रीय सम्मेलन इससे पहले अल-सद्र के एक प्रवक्ता ने कहा था कि वह शांति की किसी भी पहल पर बात करने के लिए तैयार हैं. इराक़ में नेशनल एसेंबली के चुनाव के लिए हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन में दूसरे दिन सोमवार को भी नजफ़ में संघर्ष का मुद्दा छाया रहा था. देश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले 100 सदस्यीय अंतरिम परिषद के गठन का काम अब भी बाक़ी ही है. इस सम्मेलन के प्रतिनिधियों ने शिया नेता मुक़्तदा अल-सद्र से अपील की थी कि वे नजफ़ में विद्रोह बंद करके राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल हो जाएँ. इस सम्मेलन में देश भर से आए लगभग एक हज़ार इराक़ी प्रतिनिधियों ने भाग लिया है. इस बीच इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि अशरफ़ जहाँगीर क़ाज़ी ने भी मुक़्तदा अल सद्र और अमरीकी सेनाओं के बीच सुलह सफ़ाई में मध्यस्थता की पेशकश की थी. |
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