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अलावी ने हत्या की धमकी ख़ारिज की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने एक इस्लामी वेबसाइट पर दी गई उनकी हत्या की धमकी को ख़ारिज कर दिया है. उन्होंने ऐसी धमकियों को 'स्वाभाविक' बताया और इनके पीछे कथित तौर पर सक्रिय अबू मुसाद अल-ज़रक़ावी और अन्य लोगों को ढूँढ़ निकालने का संकल्प भी व्यक्त किया. एक इस्लामी वेबसाइट पर इराक़ में सक्रिय अल क़ायदा चरमपंथी अल-ज़रक़ावी ने अलावी की हत्या की धमकी दी थी. वेबसाइट पर लगाई गई ऑडियो क्लिप में कहा गया था कि अलावी के लिए एक 'उपयोगी ज़हर और निश्चित तलवार' रखी गई है. इराक़ी अधिकारियों ने इस पर कहा था कि इसे काफ़ी गंभीरता से लिया जा रहा है और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की ज़रूरत है. मगर अलावी ने बीबीसी के विश्व मामलों के संपादक जॉन सिंपसन से कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा, "ये तो स्वाभाविक ही है क्योंकि हम उनकी तलाश कर रहे हैं. हम उन्हें और सभी अपराधियों को पा लेंगे और उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा." उससे पहले इराक़ के विदेश उपमंत्री हामिद अल-बयाती ने कहा था कि उन्होंने आवाज़ सुनी है और उन्हें लगता है कि आवाज़ ज़रक़ावी की ही है और उन्होंने इसे गंभीर भी बताया. कहा जाता है कि ज़रक़ावी जमात अल तौहीद जेहाद गुट के मुखिया हैं, अमरीका ने अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी को 'दुनिया में सबसे ज़्यादा ख़तरनाक़ लोगों' की सूची में रखा है. ऑडियो टेप की आवाज़ में कहा गया था कि ईयाद अलावी कई बार बच चुके हैं लेकिन अब उनका भी यही हाल होगा जैसा कि इज़ेदीन सलीम का हुआ था. सलीम पूर्ववर्ती इराक़ी अंतरिम शासकीय परिषद के मुखिया थे जो पिछले महीने एक कार के ज़रिए किए गए आत्मघाती हमले में मारे गए थे. इराक़ में हाल के महीनों में हुए हमलों के पीछे ज़रक़ावी का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया जाता है. ज़रक़ावी ने पिछले महीने दो ठेकेदारों की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी. ज़रक़ावी के संगठन पर आरोप है कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के जिस नागरिक को बंधक बना लिया था, उसकी मंगलवार को हत्या कर दी. |
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