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अमरीकी गोलीबारी में चालीस मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उन्होंने एक बारात पर हमला करके चालीस से अधिक लोगों को मार डाला है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरीकी सेना ने बारात में शामिल लोगों को निशाना बनाया जबकि अमरीकी सेना का कहना है कि ये लोग विदेशी चरमपंथी थे. रिपोर्टों के मुताबिक़ सीरिया की सीमा से लगे इलाक़े क़ैम में अमरीकी विमानों ने एक शादी के समारोह पर हमला किया. अमरीकी सेना के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि चालीस लोग मारे गए हैं लेकिन यह भी कहा है कि उनके निशाने पर विदेशी चरमपंथी थे न कि शादी में शामिल लोग. प्रवक्ता ने कहा कि यह जवाबी हमला था और चरमपंथियों ने अमरीकी सेना को निशाना बनाया था. अमरीकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर मार्क किमिट ने कहा, "हमारे ऊपर हमला किया जिसका हमने जवाब दिया." ब्रिगेडियर किमिट ने कहा कि इस बात के कोई संकेत नहीं मिले थे कि जिन लोगों पर हमला हुआ वे किसी विवाह समारोह में शामिल थे. उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर हमला किया गया वहाँ से बड़ी संख्या में सीरियाई पासपोर्ट, भारी नकदी और सेटेलाइट उपकरण बरामद हुए हैं. अरबी टीवी चैनल अल अरबिया ने स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से बात की है जिन्होंने अमरीकी हेलिकॉप्टरों से हमले का वर्णन किया है. अरबी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़ बारात में शामिल लोगों ने ख़ुशी का इज़हार करने के लिए हवाई फ़ायर किए जिसके बाद अमरीकी हेलिकॉप्टरों ने हमला कर दिया. एक स्थानीय व्यक्ति ने टीवी चैनल से बातचीत में कहा, "अमरीकी हेलिकॉप्टरों ने हमारे ऊपर 100 से अधिक बम गिराए, उन्होंने उन दो घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया जहाँ शादी हो रही थी." छवि का सवाल अमरीका से बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि इस आरोप से अमरीकी सेना की छवि को भारी नुक़सान होगा क्योंकि पहले अबू ग़रेब जेल के मामले में बुश प्रशासन को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. अमरीकी सेना इराक़ में और पहले अफ़गानिस्तान में कई बार शादियों में हवाई फ़ायर किए जाने के बाद अनेक लोगों की जान ले चुकी है. एपी टीवी ने इस हमले में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाई हैं जिनमें से कई बच्चे थे, ज़ाहिर है, ऐसी तस्वीरों के आने से अमरीकी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ेंगी. इराक़ में विद्रोहियों से जूझ रही अमरीकी सेना का कहना है कि सीरिया जैसे पड़ोसी देशों से चरमपंथी इराक़ में आते हैं और हमले करते हैं. |
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