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अमरीकी सैनिक को एक साल की क़ैद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में दोषी ठहराए गए एक अमरीकी सैनिक को एक साल जेल की सज़ा सुनाई गई है. बग़दाद में एक विशेष सैनिक अदालत ने पेंसिल्वेनिया के 24 वर्षीय जर्मी सिविट्स को दुर्व्यवहार का दोषी ठहराया है. सिविट्स ने विशेष सैनिक अदालत के सामने क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की बात मान ली थी. सिविट्स पर क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार, कर्तव्य में कोताही और क्रूर आचरण के आरोप लगाए गए थे. सिविट्स ने सैनिक अदालत से कहा कि वह जानता था कि दुर्व्यवहार ग़लत है लेकिन फिर भी उसने ऐसा किया. सिविट्स ने अपनी गवाही में दो अन्य अमरीकी सैनिकों द्वारा क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की बात कही है. सिविट्स सहित अमरीका के सात सैनिकों के ख़िलाफ़ सैनिक अदालत में मामला चल रहा है. सिविट्स एक मकैनिक था जो इराक़ की एक जेल गार्ड के रुप में काम कर रहा था. सिविट्स पर नग्न इराक़ी क़ैदियों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें लेने का आरोप है जिनसे सारी दुनिया में हंगामा मच गया था. अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुख्यालय में इस मुक़दमे के लिए एक विशेष अदालत बनाई गई है और इस केस की सुनवाई के लिए जर्मनी से एक सैन्य जज बुलाया गया है. अधिकारियों को उम्मीद है कि इराक़ में ही इस मुक़दमे की सुनवाई से इराक़ी जनता को ये एहसास होगा कि अमरीकी न्याय व्यवस्था कारगर है और किसी भी क़िस्म की अमानवीय घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाता. इस मुक़दमे के दौरान कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी और सुनवाई को देखने की अनुमति कुछ चुनिंदा पत्रकारों को ही दी गई है. |
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