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इराक़ में सत्ता हस्तांतरण नहीं टलेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि इराक़ में अंतरिम शासकीय परिषद के अध्यक्ष के मारे जाने से सत्ता हस्तांतरण के काम में कोई रुकावट नहीं आएगी और तीस जून को सत्ता सौंप दी जाएगी. ग़ौरतलब है कि इराक़ में अमरीका की नियुक्त अंतरिम शासकीय परिषद के प्रमुख अज़द्दीन सलीम की सोमवार को एक कार बम धमाके में मौत हो गई. इस बम धमाके में सलीम के अलावा आठ अन्य लोग भी मारे गए. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने सोमवार को वाशिंगटन में कहा कि अमरीका यह जानता है कि इराक़ में तीस जून को निर्धारित सत्ता हस्तांतरण में बाधा पहुँचाने की कोशिश की जाएगी. "लेकिन इराक़ में विदेशी क़ब्ज़े के ख़ात्मे का समय आ गया है और अब इराक़ का भविष्य ख़ुद इराक़ियों के हाथों में आना चाहिए." शिया नेता सलीम अज़द्दीन सलीम एक शिया नेता थे और इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में दावा आंदोलन नाम के संगठन के प्रमुख थे. उनकी मौत के बाद परिषद के एक सदस्य ग़ाज़ी आदिल अल यावर को नया अध्यक्ष चुन लिया गया है. वह सुन्नी बहुल शहर मोसूल से हैं. एक इराक़ी वेबसाइट अल अन्बर पर दिए गए एक बयान में अरब प्रतिरोध आंदोलन के अल रशीद ब्रिगेड की तरफ़ से कहा गया है कि यह हमला उनकी तरफ़ से किया गया.
उन्होंने कई अख़बारों और पत्रिकाओं का संपादन किया था. इराक़ी शासकीय परिषद में नौ सदस्य हैं और प्रमुख का पद एक महीने के लिए बारी-बारी से दिया जाता है. सलीम ने तीन सप्ताह पहले ही प्रमुख का पद संभाला था. अज़द्दीन सलीम इराक़ी शासकीय परिषद के ऐसे दूसरे सदस्य हैं जिनकी हत्या हुई है. पिछले साल सितंबर में परिषद की महिला सदस्य अक़ीला अल हाशिमी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. |
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