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बदसलूकी के लिए ऊपर से हिदायतें थीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सीनेट की सशस्त्र सेनाओं संबंधित समिति ने इराक़ में क़ैदियों के साथ हुए अमानवीय बर्ताव के मामले की जाँच शुरू कर दी है और उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. इस मामले की रिपोर्ट देने वाले सैनिक अधिकारी जनरल एंटोनियो तगूबा ने समिति को बताया है कि उनके साथी जाँचकर्ताओं ने अपनी अंतरात्मा का कहा माना और जो ठीक समझा वही किया. ग़ौरतलब है कि जनरल एंटोनियो तगूबा ने अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन को जो रिपोर्ट सौंपी थी उसी में यह इराक़ी क़ैदियों के साथ हुए अमानवीय बर्ताव की बात सामने आई. जनरल तगूबा ने कहा कि कुछ गिने-चुने सैनिकों ने यह ओछी हरकत करने की साज़िश रची और उसकी अपने कैमरों तस्वीरें खींचीं और फ़िल्में बनाईं. जनरल एंटोनियो तगूबा की रिपोर्ट के बाद ही सात अमरीकी सैनिकों पर क़ैदियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप में मुक़दमा चलाया जा रहा है. जनरल तगूबा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बग़दाद के निकट अबू ग़रेब जेल में गार्डों को उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने क़ैदियों के साथ ऐसा सलूक करने की हिदायत दी थी. समिति की सुनवाई में ख़ुफ़िया मामलों के प्रभारी रक्षा उपमंत्री स्टीफ़न कैंबोन भी पेश हो चुके हैं और उन्होंने क़बूल किया था कि इराक़ी क़ैदियों के साथ बर्ताव में जेनेवा समझौते के प्रावधानों का साफ़तौर पर उल्लंघन हुआ है. उन्होंने कहा था कि यह तो बताना मुश्किल है कि यह सब कैसे हुआ लेकिन यह नेतृत्व की नाकामी का एक सबूत है. |
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