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यूरोप में एक मई को नया इतिहास बन रहा है | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के ऐतिहासिक विस्तार की उल्टी गिनती बस शुरू हो चुकी है. शुक्रवार की रात को जैसे ही दोनों सुइयाँ मिलेंगी, यूरोपीय संघ में दस नए सदस्य शामिल हो जाएंगे जिसके बाद उसकी सदस्य संख्या बढ़कर हो जाएगी 25. इतना ही नहीं, इस विस्तार के बाद यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार गुट बन जाएगा जिसकी आबादी होगी साढ़े 45 करोड़. हर नए देश में इस अवसर पर विशेष समारोह रखे गए हैं जिनके लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. यूरोपीय संघ के मौजूदा अध्यक्ष आयरलैंड में इस दिन विशेष स्वागत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं. शनिवार को होने वाले इस समारोह में आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी एहर्न संघ में शामिल हने वाले दस नए देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे. इस मौक़े के लिए विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं और डबलिन में होने वाले समारोहों के लिए पुलिस की छुट्टियाँ भी रद्द कर दी गई है. क़रीब चार हज़ार पुलिस जवान सड़कों पर विशेष गश्त लगाएंगे. इसके अलावा क़रीब ढाई हज़ार पुलिस जवानों को तैयार हालत में रखा गया है. इस ऐतिहासिक मौक़े पर ख़ासतौर से पूर्व कम्युनिस्ट देशों में विशेष उत्साह है. ये पूर्व कम्युनिस्ट देश हैं - चेक गणराज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया. ये देश सोवियत खेमे के ढह जाने के सिर्फ़ 15 साल बाद ही यूरोपीय संघ में शामिल होने का मौक़ा पा गए हैं. इनमें से कुछ देश तो दस साल पहले तक संप्रभु देश भी नहीं थे. अब इन सभी देशों ने यूरोपीय संघ की लगभग सभी शर्तों को पूरा कर दिया है जिनमें अर्थव्यवस्था, क़ानूनी व्यवस्था, लोकतांत्रिक सुधार, भ्रष्टाचार जैसे क्षेत्र शामिल थे. दो अन्य नए देश हैं भूमध्य सागर क्षेत्र के माल्टा और साइप्रस. |
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