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गुरुवार, 29 अप्रैल, 2004 को 19:23 GMT तक के समाचार
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यूरो और यूरोप की सीमाएँ
यूरो
यूरो के चलन से कुछ देशों में चिंता भी है
एक जनवरी, 2002 से यूरोप की यात्रा के अनुभव बिल्कुल ही बदल गए.

यूरोपीय संघ के सदस्यों के बीच सीमा नियंत्रण ख़त्म करने के बाद यूरो नोटों और सिक्कों को लागू करने से एक देश से दूसरे देश में जाने की प्रमुख कठिनाइयाँ दूर हो गईं.

अगर आपको हैम्बर्ग, कैले, मलागा या ब्रिंदीसी जाना हो तो अब आपको कई दिन यह सोचने में बिताने की ज़रूरत नहीं है कि आपको इन जगहों पर पहुँचने के लिए कितने देशों को पार करना पडेगा.

कई दिनों तक आप एक ही रेलगाड़ी गाड़ी से उन जगहों पार करते जा सकते हैं.

जहाँ ज़रूरत हो यूरो में भुगतान कर सकते हैं और अपने पासपोर्ट को अपने बक्से में बंद रख सकते हैं.

यूरोप की एकता या कम से कम यूरोपीय संघ की एकता अब उतनी ही निश्चित है जितनी उसकी विविधता.

यूरोपीय संघ के लिए 2002 में किए गए जनमत सर्वेक्षण के बाद पाया गया कि यूरो मुद्रा अपनाने वाले वाले देशों के 60 प्रतिशत लोगों में ये सहमति है कि वो यूरो मुद्रा का उपयोग करने से पहले की अपेक्षा अधिक यूरोपीय महसूस करते हैं.

अन्य जनमत सर्वेक्षण में जब लोगों से ये पूछा गया कि उनके लिए निजी तौर पर यूरोपीय संघ क्या मायने रखता है तो अधिकतर लोगों के जवाब में यूरो को ही महत्वपूर्ण बताया गया.

यूरोपीय नागरिक और राजनीतिक पहचान के जो वर्तमान चिन्ह हैं वो झंडे और मुद्रा हैं.

जर्मनी के फ़री विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर टॉमस रिसे कहते हैं कि यूरोपीय पहचान आपकी राष्ट्रीय पहचान की जगह नहीं लेती बल्कि उसके साथ-साथ चलती है.

लेकिन नई यूरोपीय व्यवस्था में कई जगह स्थिति बहुत साफ़ नहीं है.

मान लीजिए कि आप नीदरलैंड के ओस से नॉर्वे की राजधानी ओस्लो की यात्रा कर रहे हैं. आप डेनमार्क में प्रवेश करते ही यूरो के देशों से बाहर हो जाएंगे और नॉर्वे में घुसते ही यूरोपीय संघ से निकल जाएंगे लेकिन दोनों में से किसी की भी सीमा पर आपको पासपोर्ट दिखाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

इसका कारण ये है कि नॉर्वे शेंगेनलैंड का एक हिस्सा है. शेंगेनलैंड लक्ज़मबर्ग के एक नगर के नाम पर पडा है जहाँ 1985 में सीमा नियंत्रण को हटाने से संबंधित एक समझौता हुआ था. यही स्थिति आइसलैंड की भी है. इसके अलावा ये दोनों ही देश यूरोप के साझा बाजार का हिस्सा भी हैं.

इस तरह ये एक ऐसा यूरोप है जहाँ एकता के मानदंड यूरोपीय संघ के अंदर और बाहर अलग-अलग तरह के हैं और ज़ाहिर है कि यूरोपीय संघ में जब सदस्यों की संख्या 25 से ऊपर हो जाएगी तो ये विविधता और बढ़ जाएगी.

धुंध अब भी है

यूरोपीय संघ के अंदर भी कुछ ऐसी व्यवस्था है जो बहुत स्पष्ट नहीं नज़र आती.

अब आप कल्पना करें कि आप अपनी कार से स्पेन के शहर बार्सिलोना से फ्रांस के परपीनियाँ जा रहे हैं.

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आप फ़्रांस और स्पेन की सीमा पार करते हैं लेकिन दोनों तरफ़ आपको कैटालोनिया (स्पेन) के लाल और पीली लकीरों वाले झंडे लहराते नज़र आएंगे.

कैटालोनिया के कुछ लोगों का कहना है कि यूरो ने उन्हें सीमा पार समुदाय के साथ जुड़े होने का अहसास दिलाया है.

लंबे समय से प्रतीक्षित एक तेज़गति वाली रेल सेवा शुरू करने की योजना ने परपीनियाँ और बार्सिलोना के बीच आने-जाने की सुविधा की संभावना बढ़ा दी है.

इस तरह की यातायात संबंधी परेशानियों के दूर हो जाने के बाद कैटालोनिया के उत्तर और दक्षिण में सामाजिक और आर्थिक सहयोग और बढ़ सकता है.

यूरो और शेन्गेन संधि का प्रभाव देश के उन क्षेत्रों पर उतना नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास नहीं हैं.

पिछले दस साल के दौरान बहुत से सदस्य देशों ने बहुत से अधिकार यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रसेल्स को सौंप दिए हैं वहीं कुछ देश अपने अधिकारों को भी बढ़ावा दे रहे हैं.

ब्रिटेन में स्कॉटलैंड ने जहाँ अपनी एक संसद की स्थापना कर ली है वहीं वेल्स ने विधान सभा की.

इटली के भी कुछ क्षेत्रों को नए अधिकार मिल गए हैं जबकि स्पेन की कुछ क्षेत्रीय सरकारें एक साल पहले मिले अधिकारों का अधिक से अधिक उपयोग कर रहे हैं.

क्षेत्रिय नीति के यूरोपीय आयुक्त मिशेल बारनियर यूरोप की चर्चा करते समय क्षेत्रीय सरकारों की महत्ता पर विशेष रूप से ज़ोर देते हैं.

ब्रसेल्स में क्षेत्रीय मामलों के एक प्रतिनिधि कहते हैं कि उनके अनुसार देश की क्षेत्रीय सरकारों के अधिकारों को और बढ़ाने की माँग की जानी चाहिए ताकि उन जगहों के लोगों की आवाज़ सुनी जा सके.

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