|
यूरोपीय संघ का सफ़रनामा-4 | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक मार्च, 1995 शेंगेन समझौते ने सीमाएं गिराईं फ्रांस, जर्मनी, पुर्तगाल, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग ने अपनी सीमाएं ढीली करने की पहल की. इस पहल में ऑस्ट्रिया, इटली, डेनमार्क, फ़िनलैंड, स्वीडन और ग्रीस भी जल्दी ही शामिल हो गए लेकिन ब्रिटेन और आयरलैंड नहीं शामिल हुए. ऑस्ट्रिया, फ़िनलैंड और स्वीडन 1995 के शुरू में ही यूरोपीय संघ में शामिल हो गए थे जिसके बाद संघ की कुल सदस्य संख्या 15 हो गई. नॉर्वे को यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए अपने यहाँ दो जनमतसंग्रह कराने पड़े लेकिन लोगों ने दोनों में नामंज़ूर कर दिया. एक मार्च, 1997 एम्सटर्डम संधि के ज़रिए यूरोपीय संघ का विस्तार पूर्वी क्षेत्र की तरफ़ करने की शुरूआतो की गई. कुछ और देशों के वीटो अधिकार ख़त्म किए गए. रोज़गार और भेदभाव पर क़ानून और सख़्त किए गए माश्ट्रिश्ट संधि का सामाजिक नीति का अध्याय अब यूरोपीय संघ के क़ानून का हिस्सा बना दिया गया. शेंगेन समझौता ने भी क़ानूनी रूप ले लिया हालाँकि ब्रिटेन और आयरलैंड इससे अब भी बाहर रहे. इससे आव्रजन और शरण लेने के मुद्दों पर यूरोपीय संघ को और ज़्यादा कहने का अधिकार मिल गया. एक मार्च, 1998 साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्तोनिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवीनिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने पर बातचीत शुरू हुई. एक साल बाद कुछ और देशों ने यूरोपीय संघ का दरवाज़ा खटखटाया और रोमानिया, स्लोवाकिया, लातविया, लिथुवानिया, बल्गारिया और माल्टा ने भी संघ में शामिल होने के लिए बातचीत शुरू की.
एक मार्च, 1999 यूरोपीय आयोग में धोखाधड़ी, भाई-भतीजावाद और कुप्रबंधन के कुछ मामले सामने आने के बाद यूरोपीय संघ के लिए बहुत ख़राब समय रहा और इससे यूरोपीय आयोग के औचित्य पर भी सवाल उठे. इससे पहले की यूरोपीय संसद कुछ क़दम उठा पाती, यूरोपीय आयोग के सभी 20 सदस्यों इस्तीफ़े दे दिए उनमें अध्यक्ष ज़्याक़ सैंता भी थे. सितंबर में रोमानो प्रोदी ने यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का पद संभाला और उन्होंने आयोग के कामकाज में आमूलचूल परिवर्तन का वादा किया. आयोग के इस्तीफ़ा देने वाले सदस्यों में से बस कुछ को ही बहाल किया गया. एक मार्च, 2002 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की अपनी-अपनी मुद्राओं की जगह एकल मुद्रा-यूरो का चलन शुरु हुआ. यूरो हालाँकि 1999 में ही 11 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्र के रूप में वजूद में आ गया था. ग्रीस ने दो साल बाद यूरो को अपना लिया था लेकिन स्वीडन, डेनमार्क और ब्रिटेन इससे बाहर रहे हैं. एक जनवरी 2002 को 12 देशों में यूरो के नोट और सिक्के चलाए गए और अगले कुछ वक़्त में इन देशों की अपनी मुद्रा धीरे-धीरे ख़त्म होने के रास्ते पर है. एक मार्च, 2003 फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति वेलरी गिशार्ड डेस्टिंग की अध्यक्षता वाले एक विशेषज्ञ दल ने 2002 और 2003 में अच्छा ख़ासा समय यूरोपीय संघ का एक संविधान का मसौदा तैयार करने पर लगाया. इस संविधान का मक़सद यूरोपीय संधियों को आसान भाषा में उपलब्ध कराना है ताकि यूरोपीय संघ के मिज़ाज़ को ज़्यादा आसान तरीक़े से समझा जा सके और विस्तार होने पर इसे सुचारू रूप से चलाया जा सके. लेकिन यूरोपीय संविधान के किसी मसौदे पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है. एक मार्च, 2004 यूरोप के पूर्व निर्धारित विस्तार पर अमल करने का फ़ैसला किया गया और एक मई, 2004 को इस अमली जामा पहनाने का दिन चुना गया. साथ ही संविधान का एक सर्वसम्मत मसौदा भी तैयार करने की कोशिशें जारी हैं. उधर यूरोपीय संसद के लिए जून 2004 में चुनाव होने हैं जिनमें आयरलैंड से लेकर साइप्रस तक और माल्टा से फ़िनलैंड तक 25 देश भाग लेंगे. यूरोपीय संसद के लिए चुनाव 1979 में शुरु हुए थे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||