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यहूदी बस्तियों पर नियंत्रण बरक़रार रहेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि पश्चिमी तट में छह यहूदी बस्तियों पर इसराइल का नियंत्रण बना रहेगा. यरूशलम के पश्चिमी हिस्से में एक यहूदी बस्ती माले एदुमिम का दौरा करते हुए शेरॉन ने कहा, "सीमा चौकी और पाँच अन्य बस्तियाँ इसराइली नियंत्रण में ही रहेंगी." शेरॉन ने यह बयान अपनी अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से वाशिंगटन में अपनी मुलाक़ात से पहले दिया है. ग़ौरतलब है कि शेरॉन ने अमरीकी शांति योजना रोडमैप के तहत कुछ दिन पहले ग़ज़ा पट्टी क्षेत्र की यहूदी बस्तियों को हटाने का प्रस्ताव रखा था. लेकिन इस योजना के बारे में कुछ ठोस जानकारी नहीं दी गई थी. यह पहला मौक़ा है जब अरियल शेरॉन ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों से यहूदी बस्तियाँ हटाने की अपनी योजना के बारे में कुछ विवरण दिया है. यहूदी बस्तियाँ फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में क़रीब दो लाख बीस हज़ार यहूदी रहते हैं और जिन छह यहूदी बस्तियों का नियंत्रण बरक़रार रखने की बात की जा रही है वहाँ इसकी क़रीब आधी यहूदी आबादी रहती है.
शेरॉन ने इन छह बस्तियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इनकी मज़बूती और विकास के लिए काम किया जाएगा. माले एदुमिम बस्ती में क़रीब तीस हज़ार यहूदी रहते हैं और उनमें से 500 शेरॉन की इस सभा में आए. इस सभा को संबोधित करते हुए शेरॉन ने कहा कि इन बस्तियों को इसराइल के एक हिस्से के रूप में ही विकसित किया जाएगा. शेरॉन ने साथ ही ग़ज़ा पट्टी से कुछ यहूदी बस्तियों को हटाने की अपनी योजना को समर्थन भी मांगा. इससे पहले राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि अरियल शेरॉन की इस योजना से तनाव को कम करने में मदद मिलेगी लेकिन उन्होंने इस योजना की और जानकारी माँगी थी. अब समझा जा रहा है कि शेरॉन राष्ट्रपति बुश से अपनी मुलाक़ात में ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट की इन योजनाओं के लिए अमरीका का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे. राष्ट्रपति बुश ने मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक से भी वाशिंगटन में मुलाक़ात की और दोनों मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए काम करने का संकल्प दोहराया. |
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