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संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल की निंदा की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने फ़लस्तीन में हमास नेता शेख़ अहमद यासीन की हत्या के लिए इसराइल की निंदा का एक प्रस्ताव पारित किया है. जेनेवा में आयोग ने बुधवार को प्रस्ताव पारित करते हुए चिंता व्यक्त की कि ऐसे नेताओं की हत्या से क्षेत्र में हिंसा और भड़क सकती है. यह प्रस्ताव कुछ मुस्लिम देशों ने पेश किया था. केवल ऑस्ट्रेलिया और अमरीका ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. इससे पहले अल्जीरिया ने इसी तरह का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रखा था लेकिन उस पर कोई सहमति नहीं हो पाई थी. अमरीका ने कहा कि वह ऐसे किसी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा जिसमें फ़लस्तीनी हिंसा की निंदा नहीं की जाती है. शांति की अपील दूसरी तरफ़ फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात ने फ़लस्तीनी और इसराइली दोनों ही तरफ़ होने वाली हिंसा को रोकने का आहवान किया है. बहुत से फ़लस्तीनी संगठनों ने माँग की है कि शेख़ अहमद यासीन की हत्या का बदला लेने के लिए इसराइल पर जवाबी हमले किए जाने चाहिए. यासिर अराफ़ात ने इसी तरह की माँग के बाद यह बयान दिया है. अराफ़ात ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वह क्षेत्र में अमन चैन देखना चाहते हैं. लेकिन हमास के नए नेता अब्दुल अज़ीज़ रनतीसी ने कहा है कि उनका संगठन इसराइल के ख़िलाफ़ हमले करेगा. अलबत्ता उन्होंने अमरीका के ख़िलाफ़ भी हमले किए जाने की माँग को ख़ारिज करते हुए कहा कि हमले सिर्फ़ इसराइल और फ़लस्तीनी क्षेत्र में इसराइली हितों तक ही सीमित रहेंगे. खाते ज़ब्त उधर ब्रिटेन सरकार ने अब्दुल अज़ीज़ रनतीसी की तमाम संपत्ति और बैंक खाते ज़ब्त करने के आदेश दिए हैं. उनके अलावा हमास के कुछ और नेताओं की संपत्ति भी ज़ब्त करने के आदेश दिए गए हैं. |
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