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हमास नेता का अंतिम संस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के नेता शेख़ यासीन के अंतिम संस्कार में हज़ारों फ़लस्तीनियों ने हिस्सा लिया. सोमवार को हमास नेता के ताबूत को जब गज़ा की सड़कों से ले जाया जा रहा था तो भारी संख्या में जुटे फ़लस्तीनियों ने नारे लगाए. उन्होंने शेख़ यासीन की हत्या का बदला लिए जाने की माँग की. हमास के नक़ाबपोश सदस्यों ने इस मौक़े पर अपनी बंदूकों से हवा में गोलियां दागीं. शेख़ यासीन और उनके साथ मारे गए सात दूसरे लोगों का गज़ा में सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया. हमास के सबसे प्रमुख 67 वर्षीय नेता को इसराइल ने सोमवार को एक हवाई हमले में मार डाला था. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इसराइल के इस क़दम पर तमाम देशों की तरफ़ से प्रतिक्रियाएँ आई हैं. ब्रिटेन, रूस, यूरोपीय संघ के कई देशों ने शेख़ यासीन की हत्या पर अफ़सोस प्रकट किया है. मगर अमरीका ने हत्या की निंदा नहीं की है. अमरीकी सरकार के एक प्रवक्ता ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है. साथ ही प्रवक्ता ने शेख़ यासीन पर निजी रूप से आतंकवाद में शामिल होने का आरोप भी लगाया. अरब जगत के कई देशों ने हत्या की निंदा की है. मगर इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कार्रवाई को सही बताते हुए अपने सैनिकों को अभियान की सफलता के लिए बधाई दी है. |
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