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शेरॉन ने सैनिकों को बधाई दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय निंदा के बीच इसराइल के प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन ने एक बयान जारी कर हमास के आध्यात्मिक नेता शेख़ अहमद यासीन की हत्या को सही ठहराया है. इसराइली कार्रवाई की ख़ुद निगरानी करने वाले प्रधानमंत्री शेरॉन ने कहा कि उन्हें यासीन के मारे जाने का कोई अफ़सोस नहीं है. शेरॉन का कहना है कि अहमद यासीन एक ऐसे ख़तरनाक गुट के प्रमुख थे, जिसका मक़सद यहूदियों को कहीं से भी खोज कर मार डालना है. उधर ग़ज़ा में शेख़ यासीन की अंतिम यात्रा में सैकड़ों नाराज़ और शोकाकुल लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. वहीं दूसरी तरफ शेरॉन ने अपने सैनिकों को इस काम में सफ़लता के लिए बधाई दी. लेकिन जानकारों का मानना है कि इस क़दम से इसराइली प्रधानमंत्री ने बहुत बड़ा ख़तरा मोल ले लिया है. उनका कहना है कि अगर फ़लस्तीनी नेताओं को निशाना बनाकर फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों को ख़त्म करने की उनकी कोशिश कामयाब हो गई तो इसराइली वोटर उन्हें बड़ा समर्थन देंगे. लेकिन हमास की चेतावनी के मुताबिक अगर इस क़दम से इल़ाके में हिंसा का नया और ज़्यादा खत़रनाक दौर शुरू हो गया तो शेरॉन को राजनीतिक तौर पर काफी नुकसान पहुँच सकता है. शेरॉन के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच भी चल रही है और इस समय उनके ऊपर आतंरिक राजनीति का भी काफ़ी दबाव है. |
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