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हमास प्रमुख यासीन की हमले में मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हज़ारों नाराज़ फ़लस्तीनियों ने चरमपंथी संगठन हमास के आध्यात्मिक नेता शेख़ यासीन के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया है. सोमवार की सुबह इसराइली सेना ने एक हमले में मार डाला था. ग़ज़ा शहर में यह हमला तब हुआ जब शेख़ यासीन एक मस्जिद से नमाज़ पढ़ कर लौट रहे थे. उनकी कार पर एक हेलीकॉप्टर से मिसाइल दागे गए. इस मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकरों से उनकी मौत की घोषणा की गई. मस्जिद के बाहर शेख़ यासीन की ख़ून से लथपथ व्हीलचेयर के हिस्से देखे गए. हमले में शेख़ यासीन और उनके दो अंगरक्षकों समेत सात लोगों मारे गए. हमास नेता के दो बेटों सहित 15 लोग घायल भी हुए. हमास ने कहा है कि वह अपने नेता की हत्या का बदला लेगा. इसराइली सेना ने एक बयान जारी कर शेख़ यासीन के मारे जाने की पुष्टि की है. सेना ने कहा है कि शेख़ यासीन इसराइलियों पर हुए कई हमलों के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेवार थे. विरोध प्रदर्शन इसराइली कार्रवाई के विरोध में हज़ारों फ़लस्तीनियों ने ग़ज़ा में प्रदर्शन किया है. फ़लस्तीनी प्रशासन ने हत्या को ख़तरनाक और कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है.
फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात ने कहा कि शेख़ यासीन शहीद हुए हैं. उन्होंने तीन दिनों के शोक की भी घोषणा की. इसराइल सरकार के एक मंत्री ने कहा है कि हमास की आतंकवादी हरकतों के कारण शेख़ यासीन का मारा जाना ज़रूरी था. अमरीका ने सभी पक्षों से शांति बरतने की अपील की है. हमास ने अपने नेता की मौत के बाद एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने ऐसा कर नर्क के दरवाज़े खोल दिए हैं. फ़लस्तीनी प्रशासन ने भी एक बयान जारी कर हमले को ख़तरनाक और कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया. फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद करई ने कहा कि इस हत्या से अस्थिरता फैलेगी. उधर इसराइल के विदेश उपमंत्री ज़ीव बोइम ने इसराइल रेडियो को बताया कि हमास ने जो आतंकवादी हमले किए थे उसके बाद शेख़ यासिन का मारा जाना ज़रूरी था. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सभी पक्षों से संयम रखने को कहा है. |
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