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इसराइल ने और हमले की चेतावनी दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने हमास के संस्थापक शेख़ यासीन की हत्या के एक दिन बाद धमकी दी है कि बाक़ी फ़लस्तीनी चरमपंथी नेता भी निशाने पर हैं. इसराइल के जनसुरक्षा मंत्री ज़ाशी हनेगबी ने मंगलवार को कहा, "हर किसी पर हमारी नज़र है." उन्होंने कहा, "ग़ज़ा पट्टी, पश्चिमी तट या और कहीं जो भी किसी चरमपंथी गुट की अगुआई कर रहा हो, कल की कार्रवाई से जानता होगा कि उनका कोई बचाव नहीं है." फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के संस्थापक शेख़ अहमद यासीन की हत्या के बाद इसराइली सुरक्षा सेवाओं को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है. इसराइल में इस बात का डर है कि इस घटना के बाद वहाँ चरमपंथी संगठन बदले की कार्रवाई कर सकते हैं. पश्चिमी तट में फ़लस्तीनी शहरों और गावों को सील कर दिया गया है और इसराइली सैनिक उत्तरी ग़ज़ा पट्टी में दाख़िल हो गए हैं. इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा के निकट इसराइली शहरों पर देसी रॉकेट हमलों से बचने के लिए ये प्रबंध किए गए हैं. यरुशलम में इसराइली पुलिस ने आत्मघाती हमलों के ख़तरे को देखते हुए जगह-जगह नाके लगाए हैं. इसराइल ने विदेशों में अपने दूतावासों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है. शेख़ यासीन के मारे जाने के बाद शोक के दूसरे दिन ग़ज़ा पट्टी में फ़िलहाल शांति है. शेख़ यासीन और उनके साथ मारे गए सात दूसरे लोगों का ग़ज़ा में सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया. हमास नेता के ताबूत को जब ग़ज़ा की सड़कों से ले जाया जा रहा था तो भारी संख्या में जुटे फ़लस्तीनियों ने नारे लगाए. उन्होंने नारे लगाए कि शेख़ यासीन की हत्या का बदला लिया जाएगा. हमास घोषणा कर चुका है कि वह बदले की कार्रवाई करेगा. इसराइल आरोप लगाता आया है कि इसराइल पर हुए कई आत्मघाती हमलों में शेख़ यासीन का हाथ था. |
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