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भ्रष्टाचार मामले में शेरॉन पर शिकंजा कसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल में प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार से संबधित मामले में नया मोड़ आ गया है. इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री शेरॉन के पुत्र गिलाद शेरॉन से कहा है इस मामले में वे सभी दस्तावेज़ न्यायालय को सौंप दें. प्रधानमंत्री शेरॉन पर आरोप हैं कि जब वे विदेश मंत्री थे तब उन्होंने रिश्वत ली थी. लेकिन प्रधानमंत्री शेरॉन इन आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं कि इस मामले में कोई 'ग़लत काम' नहीं हुआ. सुप्रीम कोर्ट का आदेश उस समय आया है जब देश के एटॉर्नी जनरल को सोफ़िरिश की जा चुकी है कि वे प्रधानमंत्री शेरॉन के ख़िलाफ़ आरोप तय करें. इन आरोपों के बाद माँग की जा रही है कि प्रधानमंत्री शेरॉन अपने पद से इस्तीफ़ा दें. इसराइली मंत्री योसेफ़ पारिट्सकी का कहना है कि इन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री को त्यागपत्र दे देना चाहिए. उन्होंने इसराइली रोडियो से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री शेरॉन ऐसा करेंगे और फिर साबित करने की कोशिश करेंगे की वे निर्दोष हैं. प्रमुख विपक्षी दल लेबर पार्टी ने भी ऐसी ही माँग की है. |
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