स्पैडेक्स मिशन के सफल लॉन्च पर इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ बोले- सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया गया
लाइव कवरेज
सुमंत सिंह और इफ़्तेख़ार अली
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आतिशी ने उठाया दिल्ली में धार्मिक स्थलों को गिराने का मुद्दा, एलजी ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, एलजी को लिखे पत्र में दिल्ली की सीएम आतिशी ने किसी भी मंदिर और पूजा स्थल को ध्वस्त न करने की मांग की है
दिल्ली में धार्मिक स्थलों को गिराने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी की चिट्ठी का एलजी ऑफ़िस ने जवाब दिया है.
एलजी आफ़िस ने इसे पूर्ववर्ती सीएम की नाकामयाबियों से ध्यान भटकाने की राजनीति क़रार दिया है.
मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने एलजी वीके सक्सेना को पत्र लिख कर कहा था, “पिछले साल तक धार्मिक समिति के सभी फैसले दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के ज़रिए आपको भेजे जाते थे.”
पत्र में आगे कहा गया, “पिछले साल आपके कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कहा गया कि धार्मिक संरचनाओं का विध्वंस 'सार्वजनिक आदेश' से संबंधित मामला है और निर्वाचित सरकार के दायरे में नहीं आता है.”
"आपके निर्देशों और आपकी मंजूरी पर धार्मिक समिति द्वारा दिल्ली के कई धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है. ध्वस्त की जाने वाली धार्मिक संरचनाओं की सूची में कई मंदिर और बौद्ध पूजा स्थल शामिल हैं जो दलित समुदाय द्वारा पूजनीय हैं."
पत्र में उन्होंने छह ऐसे मंदिरों का जिक्र किया है जिसे ध्वस्त किया जाना है.
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ मुख्यमंत्री आतिशी के इस पत्र का एलजी सचिवालय की ओर से जवाब दिया गया है.
इसमें कहा गया है, "कोई भी मंदिर, मस्जिद, चर्च या कोई भी पूजा स्थल को तोड़ा नहीं जा रहा है और न ही इसको लेकर कोई फ़ाइल आई है."
एलजी की ओर से कहा, "सीएम अपने और अपने पूर्ववर्ती सीएम की नाकामयाबियों से ध्यान भटकाने के लिए घटिया राजनीति कर रही हैं."
मणिपुर हिंसाः मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के माफ़ी मांगने पर कांग्रेस ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, नए साल की पूर्व संध्या पर मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने एक साल से जारी हिंसा पर अफ़सोस जताया था
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मणिपुर के हालात पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के प्रेस कॉन्फ्रेंस में माफ़ी मांगने पर प्रतिक्रिया दी है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "19 महीने तक मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा, सैकड़ों लोग मारे गए, हजारों लोग विस्थापित हुए, अलग-अलग समुदायों के बीच एक भय, शक पैदा किया गया."
उन्होंने कहा, "लेकिन बात ये नहीं है कि मुख्यमंत्री ने आज क्या कहा, बात ये है कि मणिपुर के बारे 19 महीने के लिए प्रधानमंत्री ने अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी, वो देशभर में जाते हैं लेकिन वो मणिपुर क्यों नहीं गए?"
मणिपुर के मुख्यमंत्री को एक कठपुतली बताते हुए उन्होंने मांग की है कि 'प्रधानमंत्री मणिपुर जाकर राजनीतिक दलों, नागरिक संस्थाओं से मुलाक़ात करें और मुख्यमंत्री को हटाएं.'
इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वहां के लोगों से माफ़ी मांगी थी और सभी से एक साथ रहने की अपील की थी.
उन्होंने कहा, “पूरा साल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा. पिछले तीन मई से लेकर आज तक जो हो रहा है उसके लिए मुझे अफ़सोस है और राज्य के लोगों से मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं.”
मणिपुर हिंसा में अब तक ढाई सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों की तादाद में लोग विस्थापित हुए हैं
दिनभर, पूरा दिन, पूरी ख़बर: सर्दी से मरते बच्चे, क्या है रास्ता?
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केजरीवाल की पुजारी ग्रंथी सम्मान घोषणा को बीजेपी ने बताया अवसरवाद
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार से पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना की शुरुआत की.
पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना को लेकर बीजेपी
के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
पर निशाना साधा है.
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के
दौरान उन्होंने कहा, “जिस प्रकार
से यह साल समाप्त हो रहा है, दिल्ली
को बर्बाद करने वाले 'चुनावी हिंदू' की विदाई का भी साल है. अभी आपने अरविंद
केजरीवाल का नया रूप देखा. जिस श्री राम मंदिर का ये विरोध करते रहे...अब जैसे
चुनाव क़रीब आया है, वे पुजारियों को लेकर सरोकार जताने लगे हैं.”
उन्होंने केजरीवाल
पर हिंदू धार्मिक चिह्न और देवी देवताओं के अपमान का भी आरोप लगाया.
सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना' की घोषणा की थी.
केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली के
मंदिरों और गुरुद्वारों में सेवा कर रहे पुजारी और ग्रंथी को इस योजना के तहत 18
हजार रुपये का मासिक भत्ता दिया
जाएगा.
इसके बाद से ही बीजेपी इस योजना को
लेकर केजरीवाल पर निशाना साध रही है.
अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली
के कश्मीरी गेट स्थित मरघट वाले बाबा मंदिर जाकर इस योजना की शुरुआत की. इस मौके
पर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल भी थीं.
इस बीच दिल्ली से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज केजरीवाल पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना और महिला सम्मान योजना को लागू करने की चुनौती दी.
उन्होंने कहा, "17 महीनों से मौलवियों का “ऑनरेरियम” देने में असफल रहे केजरीवाल जी, अब चुनाव पास आते देख पुजारियों और ग्रंथियों को वेतन देने का वादा कर रहे हैं."
अभी दिल्ली में चुनावी आचार संहिता लागू नहीं हुई है.
धोनी ने बताया, सोशल मीडिया पर क्यों इतना कम रहते हैं सक्रिय
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इमेज कैप्शन, महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के सफलतम कप्तानों में से एक गिने जाते हैं.
सोशल मीडिया पर ज़्यादा एक्टिव नहीं रहने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हाल में एक चैनल को दिए एक इंटरव्यू में इसके कारण बताए हैं.
उन्होंने कहा, “मैं कभी से सोशल मीडिया का बड़ा फ़ैन नहीं रहा. मेरे कई अलग-अलग मैनेजर रहे हैं और वे सभी लगातार मुझे इसके लिए कहते रहे.”
एकदिवसीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फ़िनिशर कहे जाने वाले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने कहा, “मैंने 2004 में खेलना शुरू किया था, उस समय लगभग ट्विटर (जो अब एक्स है) लोगों के बीच मशहूर हो गया था और कुछ समय बाद फिर इंस्टाग्राम आया. मेरे सभी मैनेजर कहते थे हमें कुछ प्रचार करना चाहिए.”
धोनी ने कहा, “इसलिए मैंने अपने सभी मैनेजर को एक ही जवाब दिया, अगर मैं अच्छा क्रिकेट खेलता हूं तो मुझे किसी प्रचार की ज़रूरत नहीं है.”
धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. हालांकि आईपीएल में उन्होंने खेलना जारी रखा.
उन्हें भारत के सफलतम क्रिकेट कप्तानों में से एक गिना जाता है.
धोनी के नाम कई रिकॉर्ड हैं, जिनमें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक नॉट आउट रहने का रिकॉर्ड भी भी है. वो कुल 124 बार नॉट आउट रहे हैं.
कोविड महामारी के पांच साल बाद डब्ल्यूएचओ ने मांगा चीन से डेटा, रॉबर्ट प्लमर, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, कई वैज्ञानिकों के मुताबिक़ कोविड-19 वायरस जानवरों से इंसानों में फैला था
पांच साल पहले चीन के वुहान शहर से कोविड महामारी पूरी दुनिया में फैली थी. लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन से कोविड महामारी की उत्पत्ति से संबंधित डेटा देने का अनुरोध किया है.
डब्ल्यूएचओ ने कोविड महामारी के पांच साल पूरा होने के मौके पर एक बयान में कहा "ये एक नैतिक और वैज्ञानिक आवश्यकता है."
उन्होंने ये भी कहा, "पारदर्शिता, साझेदारी और देशों के बीच सहयोग के बिना दुनिया भविष्य की महामारियों और संक्रमणों को रोकने और उनके ख़िलाफ़ तैयार होने में सक्षम नहीं हो सकती है."
कई वैज्ञानिकों का मानना है कि ये वायरस जानवरों से इंसानों में फैला था लेकिन कुछ को अभी भी संदेह है कि ये वुहान की एक प्रयोगशाला से निकला था.
हालांकि सोमवार को डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान पर चीन ने अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
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इमेज कैप्शन, डब्ल्यूएचओ ने 2023 में कोविड-19 को हेल्थ इमरजेंसी की श्रेणी से हटाने की घोषणा की थी.
सितंबर में वैज्ञानिकों की एक टीम ने कहा था कि ये पूरी तरह से साफ़ है कि कोविड महामारी संक्रमित जानवरों के बाजार में बिकने से शुरू हुई थी, न कि प्रयोगशाला से और ये नतीजा जनवरी 2020 में वुहान से जमा किए गए सैकड़ों नमूनों का विश्लेषण करने के बाद निकला है.
डब्ल्यूएचओ ने अपने बयान में कोविड के शुरुआती दिनों का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह कैसे एक स्थानीय घटना से वैश्विक संकट में बदल गई जिससे दुनिया भर में लॉकडाउन लग गए और आखिर में वैक्सीन बनाई गई.
मई 2023 में, डब्ल्यूएचओ ने घोषणा की थी कि कोविड-19 अब एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं है.
कोविड के दौरान तत्कालीन डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा था कि महामारी में कम से कम 70 लाख लोग मारे गए. लेकिन वास्तव में इसकी संख्या 2 करोड़ के करीब है जो कि आधिकारिक अनुमान से लगभग तीन गुना ज्यादा है.
तब से डब्ल्यूएचओ बार-बार कोविड जैसी बीमारियों के भविष्य में उभरने की आशंका को लेकर चेतावनी दे रहा है.
मणिपुर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने माफ़ी मांगी, और क्या कहा
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इमेज कैप्शन, साल 2023 के मई महीने में मणिपुर में हिंसा भड़की थी और तब से लेकर अब तक गतिरोध की स्थिति बनी हुई है
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मणिपुर के हालात पर बात की और साल 2025 के आगमन पर हालात ठीक होने की उम्मीद जताई.
उन्होंने कहा, “पूरा साल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा. पिछले तीन मई से लेकर आज तक जो हो रहा है उसके लिए मुझे अफ़सोस है और राज्य के लोगों से मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं.”
उन्होंने कहा, “कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, कई लोगों ने अपने घरों को छोड़ा. लेकिन अब पिछले तीन-चार महीने की बढ़ती शांति को देखते हुए मुझे उम्मीद है कि नए साल के आगमन के साथ राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी.”
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से पिछली ग़लतियों को भुलाकर और एक दूसरे को माफ़ करके फिर से एक साथ रहने की और एक नई ज़िंदगी की शुरुआत करने की अपील की.
उन्होंने कहा, “एक शांतिपूर्ण और सुखी मणिपुर, जहां 34-35 जनजातियां साथ रहती थीं, हमें भविष्य में भी साथ रहना चाहिए.”
मणिपुर हिंसा में इस हिंसा में अब तक ढाई सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों की तादाद में लोग विस्थापित हुए हैं.
यही नहीं, दोनों समुदायों मैतेई और कुकी के बीच अविश्वास की खाई और गहरी होती दिखी है.
मंत्री नितेश राणे के 'मिनी पाकिस्तान' वाले बयान पर केरल के सीएम पिनराई विजयन ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, नितेश राणे के 'मिनी पाकिस्तान' वाले बयान पर राज्य के विपक्षी दल भी हमलावर हैं
महाराष्ट्र में मत्स्य पालन और बंदरगाह मामलों के मंत्री नितेश राणे के 'मिनी पाकिस्तान' वाले बयान पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने इस बयान की आलोचना की और कहा, “मंत्री नितेश राणे की अपमानजनक टिप्पणी अत्यंत दुर्भावनापूर्ण और पूरी तरह से निंदनीय है.”
उन्होंने कहा, “इस तरह की बयानबाज़ी संघ परिवार के ज़रिए धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव के गढ़ केरल के खिलाफ़ चलाए गए नफ़रती अभियान को दर्शाती है.”
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, “हम केरल पर इस तरह के घिनौने हमले की कड़ी निंदा करते हैं और सभी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों से संघ परिवार के नफ़रती प्रचार के खिलाफ़ एकजुट होने का आह्वान करते हैं.”
हालांकि, विवाद बढ़ने पर नितेश राणे ने सफ़ाई दी है लेकिन अपने बयान को सही भी ठहराया है.
उन्होंने कहा, "केरल हमारे देश का हिस्सा है. लेकिन वहां पर हिंदुओं की घटती संख्या पर सबको चिंता करने की ज़रूरत है. वहां पर हिंदुओं को ईसाई और मुस्लिम बनाया जा रहा है. ये रोज़ की बात हो गई है. लव जिहाद के मामले भी बढ़ रहे हैं."
नितेश राणे ने कहा, "मैं केरल की इस स्थिति की तुलना पाकिस्तान से कर रहा था. हिंदुओं के साथ जैसा व्यवहार पाकिस्तान में होता है, अगर उसी तरह केरल में भी हो रहा है तो हमें सोचने की ज़रूरत है. हिंदुओं को हर तरह से बचाना चाहिए. और यही संदेश मैं अपने भाषण के जरिए देने की कोशिश कर रहा था."
नमस्कार!
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एंजलीना जोली और ब्रैड पिट ने आठ साल बाद तलाक डील फ़ाइनल की
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इमेज कैप्शन, एंजलीना जोली और ब्रैड पिट साल 2009 में 'द क्यूरियस केस ऑफ़ बेंजमिन बटन' के प्रीमियर पर एक साथ नज़र आए थे
हॉलीवुड स्टार एंजलीना जोली और ब्रैड पिट आठ
साल की लड़ाई के बाद तलाक के समझौते पर पहुंच गए हैं. इसकी जानकारी एंजलीना के
वकील ने मीडिया को दी.
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक़ तलाक के
बारे में जब ब्रैड पिट के वकील से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी
टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
दोनों ने साल 2014 में शादी रचाई थी. उनके छह बच्चे हैं.
एंजलीना जोली ने साल 2016 में तलाक के लिए अर्जी दी थी. उस वक्त उन्होंने इसके पीछे 'परस्पर विरोधी मतभेदों' को इसके पीछे की वजह बताई थी.
इसके बाद दोनों के बीच बच्चों की कस्टडी को
लेकर लड़ाई चली. साल 2021 में एक जज ने
बच्चों की कस्टडी दोनों को संयुक्त रूप से सौंपी.
ये दोनों कपल फैंस के बीच 'ब्रैंगलीना' के रूप में जाने जाते थे. दोनों की मुलाकात साल 2005
की फ़िल्म 'मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ' के सेट पर हुई थी.
पुजारी,ग्रंथी सम्मान योजना के ख़िलाफ़ बीजेपी के आरोपों पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?
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इमेज कैप्शन, पुजारी. ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा के बाद बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर कई आरोप लगाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है.
केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा,
"बीजेपी वाले मुझे कल से गंदी-गंदी गालियाँ दे
रहे हैं, जब से पुजारी, ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा हुई
है."
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "मेरा उनसे प्रश्न है- क्या मुझे गाली देने से
देश का फ़ायदा होगा? आपकी 20 राज्यों में सरकारें हैं. गुजरात में तो आपकी 30 साल से सरकार है. अभी तक आपने वहाँ पुजारियों
और ग्रंथियों का सम्मान क्यों नहीं किया? चलो अब ही कर दो? मैंने अब सबको
रास्ता दिखा दिया है."
केजरीवाल ने कहा, "मुझे गाली देने की बजाय आप अपने बीस राज्यों में इसे लागू
करो ना, तब तो सबका फायदा होगा? मुझे गालियाँ क्यों देते हो?"
अरविंद केजरीवाल ने बीते दिनों घोषणा की है कि
अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के
ग्रंथियों को 18 हज़ार रुपये प्रति
माह की सम्मान राशि दी जाएगी.
केजरीवाल के इस एलान के बाद से दिल्ली बीजेपी
ने उन्हें 'चुनावी हिंदू केजरीवाल' कहा.
दिल्ली बीजेपी ने कहा, "जो 10 साल से इमामों को सैलरी बांटता रहा, जिसने मंदिर और गुरुद्वारों के बाहर शराब के ठेके खोले, जिसकी पूरी राजनीति हिंदू विरोधी रही, उसे अब चुनाव आते
ही पुजारियों और ग्रंथियों की याद आई?"
वहीं बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, "अरविंद केजरीवाल ने मौलवियों को 18000 रुपये देने का वादा करके उनको ठग लिया और उनको पिछले 17 माह से 18000 रुपये नहीं दिया है. अब यही अरविंद केजरीवाल पुजारियों और ग्रंथियों को ठगने का प्लान बना रहे हैं."
गौरव भाटिया ने कहा, "अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना अब बच्चों को भी नहीं छोड़ रहे हैं. 30 दिसंबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक आदेश में केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए उस वीडियो को हटाने का आदेश दिया, जिनमें बच्चों को राजनीतिक अभियान में भाग लेते हुए दिखाया गया है."
इससे पहले दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक
कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने भी केजरीवाल की घोषणा पर शंका जाहिर की थी.
बुमराह और नीतीश का नाम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के ऑनर बोर्ड पर जोड़ा गया
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इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार रेड्डी और जसप्रीत बुमराह को यह सम्मान उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए मिला है
भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह
और ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का नाम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के ऑनर बोर्ड पर
दर्ज किया गया है.
दोनों खिलाड़ियों को यह सम्मान
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया
है.
इस मैच में उपकप्तान जसप्रीत बुमराह ने दूसरी
पारी में पांच विकेट लिए, जबकि नीतीश कुमार
रेड्डी ने पहली पारी में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया.
बुमराह का नाम फ़ाइव विकेट हॉल की सूची में
शामिल किया गया है, जबकि नीतीश का नाम
मेलबर्न में शतक बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में जोड़ा गया है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह मैच 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक खेला गया. इस मैच में भारत को 184 रनों से हार झेलनी पड़ी.
जसप्रीत बुमराह ने मैच में कुल 9 विकेट लिए थे. उन्होंने पहली पारी में चार,
जबकि दूसरी पारी में पांच विकेट झटके. वहीं
नीतीश कुमार रेड्डी ने पहली पारी में 114 रन बनाए थे.
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के 'मिनी पाकिस्तान' वाले बयान पर विपक्ष हमलावर
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इमेज कैप्शन, नितेश राणे (दाएं) ने अपने बयान पर सफाई भी दी है -फ़ाइल फ़ोटो
महाराष्ट्र में मत्स्य पालन और बंदरगाह मामलों
के मंत्री नितेश राणे के बयान पर राज्य के विपक्षी दल हमलावर हैं. शिवसेना (उद्धव
गुट) और कांग्रेस ने उनके इस बयान की आलोचना की है.
महाराष्ट्र में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता
अतुल लोंधे पाटिल ने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी
जी और देवेंद्र फडणवीस जी से पूछना चाहता हूं कि जो व्यक्ति आज मंत्री हैं,
उन्होंने देश की अखंडता और संविधान की शपथ ली
है. उसके बाद अपने ही देश के एक राज्य को वो पाकिस्तान कहते हैं और जिन लोगों ने
मतदान दिया है उन्हें आतंकवादी कहते हैं. ऐसे व्यक्ति को मंत्री पद पर रहने का कोई
अधिकार भी है?"
शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, "नितेश राणे का बयान बहुत ही शर्मनाक और
दुर्भाग्यपूर्ण है. केरल हमारे ही देश का राज्य है और हमारे ही देश के मतदाता वहां
रहते हैं. ये बहुत ही ओछी और हल्की राजनीति है. बीजेपी में नया चलन आ गया है,
ज़हर उगलो और मंत्री बनो."
उन्होंने कहा, "केरल हमारे देश का हिस्सा है. लेकिन वहां पर हिंदुओं की
घटती संख्या पर सबको चिंता करने की ज़रूरत है. वहां पर हिंदुओं को ईसाई और मुस्लिम बनाया जा रहा है. ये रोज की बात हो गई है. लव जिहाद के मामले भी बढ़ रहे
हैं."
नितेश राणे ने कहा, "मैं केरल की इस स्थिति की तुलना पाकिस्तान से
कर रहा था. हिंदुओं के साथ जैसा व्यवहार पाकिस्तान में होता है, अगर उसी तरह केरल में भी हो रहा है तो हमें
सोचने की ज़रूरत है. हिंदुओं को हर तरह से बचाना चाहिए. और यही संदेश मैं अपने
भाषण के जरिए देने की कोशिश कर रहा था."
केरल की निमिषा को यमन में सुनाई गई मौत की सज़ा पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, MEA
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
केरल की एक नर्स निमिषा प्रिया को यमन में
सुनाई गई मौत की सज़ा पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें निमिषा प्रिया को यमन में मिली सज़ा की
जानकारी है. हम यह समझते हैं कि प्रिया का परिवार प्रासंगिक विकल्पों की तलाश कर
रहा है."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "सरकार इस मामले में हर संभव मदद कर रही
है."
यमन के राष्ट्रपति रशद मुहम्मद अल-अलीमी ने
सोमवार को निमिषा प्रिया की मौत की सज़ा को मंजूरी दे दी. निमिषा पर साल 2018 में एक यमन नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या
का आरोप है. तब से वो जेल में हैं.
निमिषा केरल के पलक्कड़ की रहने वाली हैं.
उन्हें मौत की सज़ा से बचाने के लिए उनके गृहनगर में एक कैंपेन भी चलाया जा रहा
है.
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट, जेक क्वोन और कोह इयू, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, जांचकर्ताओं ने यून सुक-योल के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट की मांग रविवार को की थी
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल की एक अदालत ने
पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.
यून के ख़िलाफ़ यह वारंट उनके द्वारा देश में
लगाए गए मार्शल लॉ के कारण जारी हुआ है. पूर्व राष्ट्रपति यून ने बीती तीन दिसंबर को देश में मार्शल लॉ लगाया था.
हालांकि, कड़े विरोध के बाद उन्हें छह घंटों के भीतर ही अपने फ़ैसले
को वापस लेना पड़ा था. इसके बाद यून के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें
राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया.
मार्शल लॉ लागू करने के यून के फ़ैसले के
ख़िलाफ़ जांच चल रही है. उनपर विद्रोह और देशद्रोह के आरोप लगाए गए हैं.
अब तक क्या हुआ है?
जांच के दौरान पिछले दो हफ़्तों में पूर्व
राष्ट्रपति को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए तीन समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने इन्हें अनदेखा किया. जिसके बाद
उनके ख़िलाफ़ यह वारंट जारी किया गया है.
अदालत ने वारंट के जरिए जांचकर्ताओं को यून से
पूछताछ के लिए और उन्हें हिरासत में लेने के लिए 48 घंटे का समय दिया है.
रविवार रात जांचकर्ताओं ने विद्रोह और सत्ता के
दुरुपयोग के आरोप में गिरफ़्तारी वारंट की मांग की थी. हालांकि जांचकर्ताओं के इस कदम को यून के वकील ने 'अवैध' बताया.
मार्शल लॉ की घोषणा के बाद से दक्षिण कोरिया
राजनीतिक संकट में है. यून और उनके उत्तराधिकारी, दोनों को महाभियोग के जरिए हटाया गया है.
तस्वीरों में देखें इसरो के स्पैडेक्स मिशन की लॉन्चिंग
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इमेज कैप्शन, पीएसएलवी-सी60 (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) के लॉन्चिंग के समय की तस्वीर
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इमेज कैप्शन, इसरो ने यह लॉन्चिंग सोमवार रात दस बजे की
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इमेज कैप्शन, लॉन्चिंग के वक्त इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ मौजूद थे
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इमेज कैप्शन, पीएसएलवी-सी60 के जरिए भारत के स्पैडेक्स मिशन को लॉन्च किया गया
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इमेज कैप्शन, स्पैडेक्स मिशन को भविष्य की परियोजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है
स्पैडेक्स मिशन के सफल लॉन्च पर क्या बोले इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ?
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इमेज कैप्शन, इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने बताया कि स्पैडेक्स सैटेलाइट को सफलतापूर्वक 475 किलोमीटर वृत्ताकार कक्षा में स्थापित कर दिया गया है
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने
सोमवार रात को स्पैडेक्स मिशन को पीएसएलपी-सी60 (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) के जरिए सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है.
इसरो ने सोमवार रात को लॉन्च से जुड़ी तस्वीरें
साझा करते हुए यह जानकारी दी.
इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा, "सतीश धवन स्पेस सेंटर से यह 99वां लॉन्च है. इस लॉन्च के जरिए पीएसएलवी-सी60 ने स्पैडेक्स सैटेलाइट को सफलतापूर्वक 475 किलोमीटर वृत्ताकार कक्षा में स्थापित किया है."
उन्होंने कहा, "इस मिशन का लॉन्च फेज़ सफल रहा. अब हमें मिशन के ऑर्बिट फेज़ से गुजरना है, जो कि डॉकिंग फेज़ है. इसमें स्पैडेक्स घूमेगा और अंत में डॉक पर वापस आएगा. हम इसके लिए इंतजार कर रहे हैं."
इसरो के इस मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर
सुरेंद्रन एन. ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह उन प्रयोगों में से एक है जिसे हम ऑर्बिट पर स्थापित
करने जा रहे हैं. यह भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रयान-4 जैसेमिशन के लिए उपयोगी होगा. यह एक सैंपल रिटर्न मिशन होगा."
उन्होंने कहा, "इस जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट में डॉकिंग मेकैनिज़्म एक
ज़रूरी आवश्यकता बनता जा रहा है. यह चंद्रमा से वापस आने वाले स्पेसक्राफ्ट को
स्टॉक करेगा और वहां से सैंपल लेकर वापस आएगा, इसलिए डॉकिंग बहुत ज़रूरी है."
इसरो ने स्पैडेक्स मिशन को 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन
अंतरिक्ष केंद्र से रात लगभग 10 बजे लॉन्च किया.
स्पैडेक्स का अर्थ है स्पेस डॉकिंग
एक्सपेरिमेंट.
स्पैडेक्स मिशन का मकसद अंतरिक्ष यानों को 'डॉक' और 'अनडॉक' करने के लिए आवश्यक तकनीक को विकसित करना और प्रदर्शित करना है.
अमेरिकी वित्त विभाग का आरोप, चीन ने किया था उसका सिस्टम हैक, नदीन यूसुफ़ और जो टाइडी, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी एजेंसियां हैकिंग की जांच कर रही हैं
अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि चीन की सरकार के प्रायोजित हैकरों ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के सिस्टम में सेंध लगाई थी.
विभाग ने कहा है कि हैकर कर्मचारियों के वर्कस्टेशन और कुछ दस्तावेजों तक पहुँच गए थे.
चीन ने आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि ये 'आधारहीन' हैं.
यह घटना दिसंबर महीने के शुरुआती दिनों की है.
इसकी जानकारी तब सार्वजनिक हुई जब वित्त विभाग ने इसके बारे में
सीनेटरों को पत्र लिखकर सूचना दी.
अमेरिकी एजेंसी ने इस सेंधमारी को एक 'बड़ी घटना' कहा है. साथ ही यह भी बताया कि इस घटना के प्रभाव की जांच
के लिए एफ़बीआई और अन्य एजेंसियों के साथ काम किया जा रहा है.
राजधानी वाशिंगटन डीसी में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने
बीबीसी से कहा कि यह आरोप एक 'बदनाम करने वाले हमले' का हिस्सा है और
इसे 'बिना किसी तथ्य के आधार पर' लगाया गया है.
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